रायबरेली। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत दैवीय व अन्य आपदाओं से पीड़ित लोगों को छत दी जाएगी। इसके लिए जिले में सूची को अंतिम रूप देने का काम शुरू हो गया है। ब्लॉकों की ओर से तैयार की गई सूची से पात्रों के नाम फाइनल करने के लिए 54 अधिकारियों की 18 टीमें गठित कर दी गई हैं। सभी टीमों को सात दिन में जांच पूरी करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। तीन सदस्यीय टीमों की जांच के बाद पात्रों को आवास का लाभ दिया जाएगा।
दैवीय व अन्य आपदाओं से पीड़ित गरीबों को छत देने के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना संचालित की गई है। इसके लिए जिले में पांच सौ से अधिक लोगों का चयन ब्लॉकों के अधिकारियों ने किया है। अब इस सूची से पात्रों के चयन के लिए विभाग ने तीन-तीन सदस्यीय अधिकारियों की टीम बना दी है। टीम में संबंधित ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारियों, तहसीलदारों के साथ ही एक-एक जिला स्तरीय अधिकारी को शामिल किया गया है। टीमों को सात दिन में जांच रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। पीडी इंद्रसेन सिंह ने बताया कि हर ब्लॉक के लिए तीन-तीन अधिकारियों की अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं। इन टीमों की रिपोर्ट के बाद पात्रों को सीएम आवास का लाभ देने का काम शुरू हो जाएगा। इसी महीने से पात्रों को योजना का लाभ देने का काम शुरू कराया जाएगा।