स्वीकृति के बाद भी 7931 किसानों की कर्जमाफी फंसी
बाराबंकी। कर्जमाफी से वंचित किसानों की शिकायत के बाद बैंक व तहसील प्रशासन ने जांच की। जिसमें पात्र पाए गए किसानों की कर्जमाफी की स्वीकृति जिला स्तरीय समिति ने की। इसकी डिमांड भी जनरेट हो गई। मगर, राज्य स्तरीय समिति ने आपत्ति लगाकर 7931 किसानों को कर्जमाफी से बाहर कर दिया। ऐसे में इन किसानों की कर्जमाफी एक बार फिर फंस गई है।
जिले में 95257 किसानों को कर्जमाफी का लाभ मिला है। वहीं 2900 एनपीए खाते वाले किसान भी लाभान्वित हुए। उसके बाद सरकार ने कर्जमाफी से वंचित किसानों को इसका लाभ देने के लिए ऑफ लाइन व पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायतें मांगी थीं।
इस दौरान 28805 शिकायतें मिलीं। बैंक व तहसील प्रशासन की जांच के बाद 12703 किसान पात्र पाए गए। जिला स्तरीय समिति ने जिनकी स्वीकृति की। कर्जमाफी के लिए 12703 किसानों की 74 करोड़ रुपये की डिमांड भी जनरेट हुई।
उसके बाद राज्य स्तरीय समिति ने इसमें से सिर्फ 4772 किसानों के खाते में ही कर्जमाफी की धनराशि भेजकर 7931 किसानों को कर्जमाफी से बाहर कर दिया। जिसके पीछे आधार कार्ड के मेल नहीं खाने व शिकायत की प्रक्रिया पूरी नहीं करने का तर्क दिया गया है।
जबकि, जिला स्तरीय समिति को किसानों की कर्जमाफी को लेकर अधिकार दिए गए हैं। मामला कुछ भी हो, राज्य स्तरीय समिति की आपत्ति के बाद 7931 किसानों की कर्जमाफी जरूर फंस गई है।
जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार का कहना है कि, राज्य स्तरीय समिति ने जिन 7931 किसानों को कर्जमाफी से बाहर किया है। उन किसानों को कर्जमाफी का लाभ दिलाने के लिए दोबारा जांच कर स्वीकृति 18 मई को भेजी जाएगी। इस बारे में उच्चाधिकारियों से बात की गई है। कोई न कोई रास्ता निकाला जाएगा।