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आंधी व बारिश से बर्बाद हुए किसान

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बलरामपुर। रविवार रात आए चक्रवाती तूफान व बारिश ने जिले में भारी तबाही मचाई है। सैकड़ों पेड़ धाराशायी हो गए हैं। किसानों के खेतों में पड़ी गेहूं की फसल या तो उड़ गई या फिर खलिहान में भीग गई है। आंधी के चलते विद्युत व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। आधे शहर की बिजली 12 घंटे गुल रही। ग्रामीण इलाकों में अभी भी अंधेरा है। कई मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ओलावृष्टि भी हुई है। आंधी का सबसे ज्यादा कहर हरैया, ललिया, महराजगंज, तुलसीपुर, गैसड़ी, पचपेड़वा, उतरौला, गुमड़ी व रेहरा बाजार क्षेत्र में दिखा। पेड़ गिरने से उतरौला-मनकापुर मार्ग घंटो बाधित रहा। आम के तमाम पेड़ धाराशायी होने से बागवानों को काफी नुकसान हुआ है।
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उतरौला नगर के बाहर तुलसीपुर मार्ग पर लगा नगर पालिका का स्वागत बोर्ड उखड़ गया है। सेखुइया कस्बे में आंधी से आयशा खातून, वसीम अहमद व जुबैदा खातून का मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। खेतों में कटी किसानों की गेहूं की फसल तेज आंधी में उड़कर दूसरे के खेतों में चली गई है। सोमवार को तमाम किसान खेतों में गेेहूं की फसल बटोरते हुए दिखे। शादी विवाह कार्यक्रम करने वालो को भी काफी नुकसान हुआ। आंधी में टेंट व कनात उड़ गए। लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी है। गुरचाही गांव के पास 33 केवीए लाइन पर पेड़ गिरने से सैकड़ों गांवों की बिजली गुल हो गई है। मथुरा बाजार निवासी टेनी का घर आंधी में धाराशायी हो गया। परिजन बाल-बाल बच गए हैं। रेहरा बाजार में सरायखास के पास आंधी में बिजली के तीन पोल टूट गए हैं। क्षेत्र की आपूर्ति ठप हो गई है।
कृषि वैज्ञानिक डा. एसके चौरसिया का मानना है कि आंधी से किसानों व बागवानो को करीब 30 प्रतिशत क्षति हुई है। गेहूं की मड़ाई का काम विलंब हो गया है। हालांकि बारिश से गन्ने व जायद की फसलों को लाभ हुआ है।
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