बहराइच। अक्षय तृतीया पर बुधवार को सोने का बाजार खूब चमका। जिले भर में लगभग 70 करोड़ का कारोबार हुआ। अधिकतर लोगों ने अक्षय तृतीया पर्व पर जेवरात की खरीद कर परंपरा का निर्वहन किया।
महिलाओं में खासा उत्साह नजर आया। एटीएम के दगा देने के कारण लोगों ने कार्ड स्वैप कर आभूषणों की खरीदारी की।
अक्षय तृतीया का पर्व सुख समृद्धि का पर्व है। मान्यता है कि अक्षय तृतीया के अवसर पर सोने की खरीदारी संपत्ति व समृद्धि को बढ़ाती है।
इसी मान्यता के कारण बुधवार सुबह लोगों ने सराफा की दुकानों पर पहुंचकर सोने के जेवरात की खरीदारी शुरू की। शाम तीन बजे से खरीदारी का दौर और भी तेज हुआ।
महिलाओं में सबसे अधिक उत्साह नजर आया। शहर के चौक बाजार, पीपल चौराहा और छोटी बाजार में स्थित सराफा की दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ती रही। सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित खन्ना ने बताया कि जिले में लगभग 490 सराफा की दुकानें हैं, जिन पर खरीदारी हुई।
उन्होंने कहा कि बीते साल की अपेक्षा भीड़ उमड़ी। लेकिन अक्षय तृतीया का अधिक असर नहीं दिखा। इस समय सहालग भी चल रही है, ऐसे में अक्षय तृतीया के साथ ही लोगों ने सहालग के लिए भी खरीदारी की है।
बहराइच और श्रावस्ती मिलाकर लगभग 100 करोड़ का कारोबार देर शाम तक हुआ है। सिर्फ, बहराइच में 70 करोड़ सराफा कारोबार होने का अनुमान है।
पिछले बार से कारोबार में 10 करोड़ की वृद्धि
सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित खन्ना ने बताया कि पिछली बार की अपेक्षा इस बार लोगों में उत्साह दिखा। लेकिन एटीएम में पैसा न होने व बैंकों में पैसों की किल्लत के कारण मामूली वृद्धि ही हुई।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में लगभग 60 करोड़ के आसपास कारोबार हुआ था। इस बार लगभग 10 करोड़ का कारोबार में इजाफा हुआ है।
अंगूठी और चेन का रहा क्रेज
सराफा व्यवसायी पिंटू मिंटू ने बताया कि महिलाओं का ज्वैलरी के प्रति आकर्षण दिखा। सोने की अंगूठी और चेन का क्रेज बरकरार रहा। 60 फीसदी महिलाओं ने हार व नेकलेस की खरीदारी में दिलचस्पी दिखाई।
कुछ लोगों ने सोने के सिक्कों को खरीदा। व्यवसायी पंकज रस्तोगी ने बताया कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार बाजार में सामान्य रौनक रही। सहालग के कारण भीड़ जरूर उमड़ी।