फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के सीवी रमन भौतिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स एवं गणित एवं सांख्यिकी विभाग में तीन दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय संगोष्ठी में इमरजिंग ट्रेंड इन फिजिकल सांइसेज विषय पर दूसरे दिन तकनीकी सत्रों का आयोजन हुआ। तकनीकी सत्र में गणित, भौतिकी, रसायन, सूचना एवं प्रौद्योगिकी तथा पर्यावरण विज्ञान पर लगभग 50 आमंत्रित व्याख्यान और लगभग दो दर्जन यंग सांइटिस्ट अवार्ड पर शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए। विज्ञान विषयों पर शिक्षाविदों, शोधार्थियों की ओर से नवीन अन्वेषण की प्रस्तुति की गई। पर्यावरण विज्ञान में विश्व स्तर पर बदलते पर्यावरण पर कैसे आने वाले दिनों में चुनौतियों का सामना किया जाए, ग्लोबल वार्मिंग इफेक्ट, पृृथ्वी का बढ़ता तापक्रम पर शोधार्थियों एवं शिक्षाविदों ने अपनी राय को साझा किया। चतुर्थ सत्र की अध्यक्षता प्रो. अर्पिता ओझा ने की।
समानान्तर सत्र में प्रो. एचएस धामी द्वारा गणित, प्रो. ओडी मंकिन्डे ने मानव शरीर के हृदय में बहने वाले रक्त संचार की भूमिका पर शोध प्रस्तुत किए। कोलकाता विश्वविद्यालय से आमंत्रित प्रो. एनआर गर्ग ने भी गणित विषय पर अपने पक्ष रखे। प्रो. डीपी भट्ट, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र ने भी एटानॉमिक बारीकियों पर वैज्ञानिक प्रस्तुति दी। गुरू घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रो. पीके वाजपेयी ने ऊर्जा संचार एवं उसकी रश्मि पर चर्चा करते हुए विभिन्न पक्ष प्रस्तुत किए। प्रो. आरपी त्रिपाठी, सीडीआरआई लखनऊ ने अभियंत्रण के क्षेत्र में होने वाले नए-नए प्रयोगों पर अपना पक्ष रखा। डॉ. जी शशिकेस, जाफना विश्वविद्यालय श्रीलंका ने हाइड्रोजन के अन्तरण और उसके प्रभाव पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की। प्रो. उर्वशी गुप्ता, पंजाब विश्वविद्यालय ने बाइनरी नैनो फ्लूड कनवेक्शन और उसके प्रभाव पर वैज्ञानिक तथ्य प्रस्तुत किए। प्रो. अशोक मिश्रा, गणितीय विज्ञान संस्थान चेन्नई ने इलेक्ट्रॉन सिस्टम और उसके नए क्वांटम संाख्यिकी अनुप्रयोग पर अपनी प्रस्तुति दी। डॉ. एसडी अत्रि, भारतीय मौसम विज्ञान नई दिल्ली द्वारा जलवायु परिवर्तन का प्रभाव एवं प्रबंधन पर रणनीति पर हो रही विश्वव्यापी पर्यावरणीय नीति पर वैज्ञानिक समीक्षा की। प्रो. एसके उपाध्याय, आईआईटी बीएचयू ने होमोजिनियस सिंबल का गणितीय प्रस्तुति की। प्रो. शीला मिश्रा, लखनऊ विश्वविद्यालय ने पुरुष मंगल से तो महिलाएं शुक्र से पर विश्लेषणात्मक शोध प्रस्तुति की। प्रो. पीके शर्मा, बीआईटी जयपुर ने स्टीमुलेशन माडलिंग पर प्रस्तुति की। प्रो. पीसी त्रिवेदी, पूर्व कुलपति दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं अवध विश्वविद्यालय ने हर्बल ड्रग्स फाइटोडायवर्सिटी कंजर्वेशन पर आमंत्रित शोध-पत्र प्रस्तुत किए।