गोंडा। पांच महानगरों की बिजली व्यवस्था निजी हाथों में सौंपे जाने से नाराज अभियंताओं व बिजलीकर्मियों का धरना गुरुवार को भी जारी रहा। जिसका खामियाजा बिजली कटौती के रूप में उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
मंगलवार को राज्य विद्युत परिषद अभियंता, जूनियर इंजीनियर व बिजलीकर्मियों की संयुक्त संघर्ष समिति के एक साथ कार्य बहिष्कार किए जाने से जहां सात घंटे तक जिले की 10 लाख आबादी को बिजली कटौती से जूझना पड़ा, तो वहीं बुधवार को भी कई बिजलीघरों की लाइनें तीन से चार घंटे के लिए ब्रेकडाउन में रहीं। करनैलगंज, मसकनवा, खोरहंसा, डुमरियाडीह, शुकुलगंज, बालपुर व खरगूपुर की लाइनों में गुरुवार को फॉल्ट में आने पर उन्हें ठीक किए जाने के लिए बिजली घर पर कोई कर्मचारी नहीं था, जिससे यहां के लोगों को तीन से चार घंटे तक कटौती से जूझना पड़ा।
रोज की तरह गुरुवार को 12वें दिन भी मुख्य अभियंता कार्यालय के बाहर अभियंता, जूनियर इंजीनियर, बिजली बोर्ड के कर्मचारियों, संविदा बिजली कर्मियों के साथ ही तमाम अन्य संगठनों का सामूहिक धरना जारी रहा। धरने में बैठे संघ के नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर वह अपने फैसले पर कायम है तो वह भी धरने पर डटे रहेंगे। इस मौके पर इंजीनियर आरएस प्रसाद, अशोक यादव, नंदलाल, सत्येंद्र कुमार साहू, वीके सिंह, डीके प्रजापति आदि मौजूद रहे।
बिजली संबंधी दिक्कतों के लिए इन नंबरों पर करें शिकायत
निजीकरण को लेकर अभियंताओं व बिजलीकर्मियों के चल रहे धरने के मद्देनजर मुख्य अभियंता आरके श्रीवास्तव ने डिवीजनवार एक्सईएन के साथ ही कंट्रोल रूम का नंबर सार्वजनिक किया है। जिस पर उपभोक्ता किसी भी वक्त बिजली संबंधी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। इसमें एक्सईएन गोंडा प्रथम 9415901516, एक्सईएन गोडा द्वितीय 9453004830, एक्सईएन मनकापुर 8004401443 व एक्सईएन करनैलगंज का सीयूजी मोबाइल नंबर 8004911172 है। जबकि कंट्रोल रूम के नंबर 05262-231291 व टोल फ्री नम्बर 1912 पर भी बिजली उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।