रायबरेली/जगतपुर। जिले में मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ता जा रहा है। सोमवार को जिले में कई स्थानों पर बूंदाबांदी हुई। इस दौरान जगतपुर क्षेत्र में बूंदाबांदी के साथ ओले गिरने से खेतों में खड़ी सरसों की फसल तहस-नहस हो गई। हवा चलने से फसल जमीन में गिर गई, जिससे काफी नुकसान हुआ। फसल को नुकसान होने से किसानों को तगड़ी चपत लगी है। कृषि विभाग के अफसरों का दावा है कि वैसे तो अभी मौसम से कोई ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। यदि इसी तरह मौसम रहा तो खासकर सरसों की फसल को नुकसान होगा।
रबी की फसल लगभग तैयार हो गई है। खासकर सरसों की फसल पक चुकी है। वैसे तो मौसम रविवार से ही करवट ले रहा था, लेकिन सोमवार को सुबह मौसम और खराब हो गया। आसमान में बदली छा गई। शहर के साथ ही डलमऊ, महराजगंज, बछरावां समेत कई क्षेत्रों में बूंदाबांदी हुई। इस दौरान जगतपुर ब्लॉक क्षेत्र के रामगढ़ टिकरिया गांव में बूंदाबांदी के साथ काफी बड़े ओले गिरे, जिससे सरसों की फसल को काफी नुकसान हो गया। रामगढ़ टिकरिया गांव के रहने वाले बबलू सिंह ने बताया कि ओले गिरने से करीब 70 बीघा सरसों की फसल तहस-नहस हो गई है। फसल पक चुकी थी और उसकी कटाई करने की तैयारी थी, लेकिन ओले गिरने से फसल को नुकसान हो गया। किसान अजय सिंह, सोनू सिंह, बबलू सिंह, मुन्ना सिंह, पिंटू सिंह का कहना है कि इस बार सरसों की फसल अच्छी थी, जिससे अच्छे उत्पादन की उम्मीद थी। पर ओले गिरने से फसल तहस-नहस हो गई है। अब लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। इसके अलावा हवा चलने से भी कई बीघा सरसों की फसल जमीन में पसर गई।
क्षति का आकलन कर दिलाया जाएगा मुआवजा
उप कृषि निदेशक महेंद्र सिंह ने बताया कि बूंदाबांदी से वैसे तो अभी फसल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। बूंदाबांदी से गेहूं की फसल को फायदा हुआ है। बूंदाबांदी के साथ यदि ओले गिरते हैं तो सरसों की फसल को अधिक नुकसान होगा, क्योंकि सरसों की अधिकतर फसल पक चुकी है। फसल की कटाई किए जाना बाकी है। जगतपुर क्षेत्र के रामगढ़ टिकरिया गांव में ओले गिरने से हुए फसल नुकसान का आकलन कराया जाएगा और किसानों को मुआवजा दिलाया जाएगा।
पारा गिरा, बढ़ी सर्दी
बूंदाबांदी और ओले गिरने से सर्दी बढ़ गई है। सोमवार को कुछ देर के लिए धूप निकली। बाकी समय आसमान में बदली छाई रही। हल्की हवा भी चलती रही। इससे लोग ठंड से ठिठुर गए। सर्दी से बचने के लिए लोगों को गर्म कपड़े पहनने पड़े। शाम होते ही लोग घरों में दुबक गए। ठंड से बचने के लिए अलाव का भी सहारा लिया। मौसम सर्द होने से बाजार में भी चहल-पहल कम दिखी।