18 से 19 वर्ष आयु के 8982 विद्यार्थियों ने किए आवेदन
सीतापुर। जिले में मतदाता बनने में विद्यार्थियों ने खूब दिलचस्पी दिखाई। उनको मतदाता बनाने को चुनाव आयोग के फरमान पर कॉलेज में लगाए गए मतदाता पंजीयन शिविर में तमाम विद्यार्थियों ने न सिर्फ रुचि ली, बल्कि उन्होंने अपने पंजीकरण भी कराए।
विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक, 27 जनवरी तक करीब नौ हजार विद्यार्थियों ने आवेदन किए हैं, हालांकि विभाग चलाए गए अभियान में तहसीलों से भी आंकड़े जुटाने की कवायद में लगा है। अगले बरस यानी वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव होना हैं।
इस पहले चुनाव आयोग का लक्ष्य है कि 18 वर्ष आयु या फिर इससे ऊपर के सौ फीसदी युवाओं के नाम वोटर लिस्ट में सम्मिलित हो जाएं। इसे लेकर आयोग काफी समय से नए वोटर बनाने का अभियान चलाए हुए है।
इंटर की पढ़ाई करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए युवा सीधे विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेजों में दाखिला लेते हैं। उस वक्त में उनकी आयु औसतन 18 बरस से ऊपर ही होती है। इसे देखते हुए चुनाव आयोग ने कॉलेज कैंपसों में मतदाता पंजीयन कैंप लगाने पर जोर है।
आयोग के आदेश पर जिले के शहरी और गंवई इलाकों के कॉलेजों में मतदाता पंजीयन केंद्र खोले गए और वहां अध्ययनरत स्टूडेंटों को वोटर बनने के लिए आवेदन फार्म भी भेजे गए। आयोग के निर्देश पर सीतापुर जिले में 26 दिसंबर से मतदाता पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत की गई।
यह अभियान 31 जनवरी तक चलाया गया। इस अभियान में कॉलेजों में स्टूडेंटों ने खूब दिलचस्पी दिखाई। साथ ही उन्होंने वोटर बनने के लिए आवेदन भी किए। विभागीय जानकारों की मानें तो वोटर बनने के लिए 18 से 19 आयु वर्ग के स्टूडेंटों ने करीब 8982 आवेदन किए हैं, इनमें इस आयु के 4584 युवा तथा 4298 युवतियां शामिल हैं।
यह आंकड़े 27 जनवरी तक के हैं, हालांकि समूचे अभियान के विभागीय स्तर से आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी शिखा श्रीवास्तव ने बताया कि यहां की नौ में से सात तहसीलों के आंकड़े आ चुके हैं। पर दो तहसीलों से रिपोर्ट आना अभी बाकी है। यह रिपोर्ट आने के बाद ही इस अभियान फाइनल तस्वीर आ सकेगी।