केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-3 में उत्तर प्रदेश के लिए 8847.15 किलोमीटर सड़क निर्माण की मंजूरी दी है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में करीब साढ़े सात हजार करोड़ रुपये की लागत से 1215 सड़क मार्ग का निर्माण किया जाएगा। देश में सबसे अधिक सड़कें उत्तर प्रदेश के लिए मंजूर की गई है। प्रदेश को पहले ही वर्ष में लक्ष्य साढ़े तीन गुना से अधिक दिया गया है।
पीएमजीएसवाई-3 में प्रदेश में 2025 तक 18,937 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाने का प्रस्ताव है। केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने पहले उत्तर प्रदेश को वर्ष 2020-21 के लिए केवल 2500 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाने का लक्ष्य दिया था। लेकिन अन्य प्रदेशों से उम्मीद के मुताबिक प्रस्ताव प्राप्त नहीं होने पर उत्तर प्रदेश को नौ हजार किलोमीटर का प्रस्ताव देने के लिए कहा। ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण ने गत महीने 9290 किलोमीटर लंबी सड़कों का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था।
मंत्रालय में 19 अक्तूबर को हुई बैठक में उत्तर प्रदेश को इस वर्ष 8847.15 किलोमीटर सड़क निर्माण की मंजूरी दी गई। योजना में नई सड़कें ही बनाई जाएगी, इनकी चौड़ाई भी बढ़ाकर 5.5 मीटर तक की गई है। सड़कों का चयन भी गूगल मैपिंग से ऑनलाइन किया गया है। अभिकरण के सीईओ सुजीत कुमार ने बताया कि पीएमजीएसवाई-3 के तहत स्वीकृत हुई सड़कों के लिए बजट जल्द ही मिल जाएगी। उसके बाद निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जिला मार्ग सड़क किलोमीटर
श्रावस्ती 10 54.42
वाराणसी 11 63.55
लखनऊ 11 79.84
बलरामपुर 15 95.15
अयोध्या 17 117.56
अंबेडकर नगर 17 121.60
गोरखपुर 22 130.95
सुल्तानपुर 22 144.73
बहराइच 18 154.16
बाराबंकी 22 163.26
लखीमपुर खीरीॅॅ 17 168.68
गोंडा 27 178.21
शाहजहांपुर 29 203.85
सीतापुर 28 214.83
रायबरेली 30 217.11
प्रयागराज 31 223.70
आजमगढ़ 33 238.23
जौनपुर 37 238.99