रायबरेली। नगर पालिका में चेयरमैन और ईओ के बीच चल रही खींचतान से शहर का विकास तो ठप है ही, दो दिन से सफाईकर्मियों की हड़ताल से 120 टन कूड़ा शहर के लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। जगह-जगह कूड़े के ढेर संक्रामक बीमारियों को दावत दे रहे हैं।
सफाईकर्मी अभी भी हड़ताल पर डटे हुए हैं। करीब 600 सफाईकर्मी बृहस्पतिवार से कार्यों का बहिष्कार कर दर्शन कर रहे हैं। नगर पालिका के जिम्मेदार सफाईकर्मियों की मांगों को अनसुना कर रहे हैं। शहर में फैली गंदगी के निस्तारण को लेकर कोई कदम नहीं उठा रहे।
नगर पालिका में कार्यरत आउटसोर्सिंग के 600 सफाईकर्मी 11 सूत्री मांगों को लेकर बृहस्पतिवार से हड़ताल पर हैं। शुक्रवार को भी सफाईकर्मियों ने काम नहीं किया। इससे पूरे शहर में कूड़े का ढेर लगा गया है। कोई ऐसी गली और सड़क नहीं बची, जहां पर गंदगी न हो। वहीं, रिमझिम बारिश होने से कूड़े के ढेर से बदबू भी आने लगी है, जिससे और भी परेशानी खड़ी हो गई है। शहर में हर दिन करीब 60 टन कूड़ा एकत्र किया जाता है। इस कूड़े को डंपिंग ग्राउंड और कूड़ाघरों में डाला जाता है।
दो दिन से सफाईकर्मियों ने न सफाई की और न ही कूड़े को उठाया। शहर में भारी मात्रा में कूड़े के ढेर लगे होने से संक्रामक रोग फैलने की आशंका बढ़ गई है। रेलवे कॉलोनी की हालत ज्यादा खराब हो गई है। कॉलोनी के मुहाने पर कूड़े के ढेर लग गया है। जिससे लोगों को आवागमन में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पैदल मार्च कर किया प्रदर्शन
अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष दिनेश वाल्मीकि, जिला महासचिव संजय कुमार मौर्य, मंडल अध्यक्ष पूर्वी अवध प्रांत शिवशंकर लाल वाल्मीकि की अगुवाई में सफाईकर्मियों ने कैनाल रोड स्थित जलकल विभाग परिसर में शुक्रवार को भी धरना देकर प्रदर्शन किया। दोपहर दो बजे के बाद डीएम आवास, बस स्टैंड, दीवानी कचहरी, कांग्रेस कार्यालय, जिला अस्पताल होते हुए भारी संख्या में सफाईकर्मी पैदल मार्च करते हुए सुपर मार्केट पहुंचे। नगर पालिका कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष दिनेश वाल्मीकि ने कहा कि जब तक 11 सूत्री मांगें पूरी नहीं होती हैं, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
सफाई व्यवस्था पर नजर
आउटसोर्सिंग सफाईकर्मी- 600
वार्ड- 34
आबादी- करीब ढाई लाख
हर वार्ड से निकलने वाला औसत कूड़ा - डेढ़ से दो टन
वार्डों में तैनात सफाईकर्मी - दो से तीन
एक दिन में शहर में निकलने वाला कूड़ा - करीब 60 टन
कूड़ा न उठा तो फैलेगी बीमारी
जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सलीम ने बताया कि कूड़ा नहीं उठा तो संक्रामक रोग तेजी से फैलेंगे। खासकर डेंगू, एईएस, जेई, डायरिया और बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ जाएगी। लोगों को चाहिए कि वे कूड़ा बाहर न फैलाएं। साथ ही स्वच्छता का विशेष ख्याल रखें।