बहराइच। जिले के 242 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में अब सात के बजाय 12 प्रकार की सेवाएं मिलेंगी। इन सेवाओं में जलना, कट जाना, चोट लग जाना, नेत्र, नाक, कान, गला, वृद्धावस्था, आकस्मिक ट्राॅमा, बर्न, मानसिक स्वास्थ्य व वृद्धावस्था देखभाल पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए आरोग्य मंदिरों के प्रशिक्षित सीएचओ प्राथमिक और आकस्मिक सेवाएं घर के पास उपलब्ध कराएंगे। इसके लिए सीएचओ को मेडिकल कॉलेज में 13 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
सीएमओ डॉ. संजय कुमार शर्मा ने बताया कि बुजुर्गों को उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी, पुरानी बीमारियों का प्रबंधन और शारीरिक कमजोरी जैसी समस्याओं का निदान उनके घर के पास ही मिल जाएगा। प्रशिक्षण को तीन चरणों में आठ बैचों में आयोजित किया गया है। अब तक सात बैचों का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है और आठवें बैच का प्रशिक्षण जारी है। इसके लिए प्रशिक्षक डॉ. प्रदीप शुक्ला, स्टाफ नर्स सरस्वती वर्मा व शाहीन सीएचओ को विशेष तकनीक और कौशल प्रदान कर रहे हैं। सीएमओ ने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सेवाओं के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं अधिक सुलभ होंगी। पहले लोगों को इन सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। अब इन सेवाओं का विस्तार ग्रामीण इलाकों तक किया जा रहा है, जिससे लोग त्वरित और सुलभ इलाज पा सकेंगे।