केजीएमयू ट्रॉमा के कैजुअल्टी वार्ड में बढ़ेंगे 12 बेड
इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को मिलेगी राहत
केजीएमयू के ट्रॉमा कैजुअल्टी वार्ड में 12 बेड बढ़ाए जाएंगे। इसकी कवायद शुरू कर दी गई है। इससे यहां बेड की कुल संख्या 29 हो जाएगी और अन्य वार्डों में बेड खाली नहीं होने की स्थिति में कुछ देर तक यहां मरीजों का इलाज किया जा सकेगा।
केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में 445 बेड हैं। इसके अलावा स्ट्रेचर पर भी मरीजों का इलाज करना पड़ता है। विभिन्न स्थानों से आने वाले मरीज पहले कैजुअल्टी वार्ड में आते हैं। यहां अभी सिर्फ 17 बेड हैं। ट्रॉमा सर्जरी के साथ ही यहां न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, आर्थोपेडिक्स के गंभीर मरीज पहुंचते हैं। मरीजों की संख्या अधिक होने पर तमाम मरीजों को बरामदे में स्ट्रेचर पर इंतजार करना पड़ता है। कैजुअल्टी में प्राथमिक उपचार के बाद मरीज को संबंधित विभाग के वार्डों में भेजा जाता है। फिर नए मरीज को अंदर लिया जाता है। इसमें मरीजों की गंभीरता का ध्यान रखा जाता है।
फिर भी तमाम गंभीर मरीजों की जान सांसत में रहती है। ऐसी स्थिति में केजीएमयू प्रशासन ने कैजुअल्टी में बेड बढ़ाने का फैसला लिया है। कैजुअल्टी वार्ड में कर्मचारियों के लिए बने बाथरूम को तोड़ कर उसका विस्तार कर दिया जाएगा। तोड़फोड़ के दौरान मरीजों का इलाज बरामदे में करने की रणनीति बनाई गई है।
यहां मरीजों का दबाव अधिक
कैजुअल्टी में मरीजों का दबाव अधिक है। शाम के वक्त पूरे प्रदेश के मरीज आ जाते हैं। स्थिति यह होती है कि कैजुअल्टी वार्ड से लेकर बरामदे तक स्ट्रेचर पर मरीजों की लाइन लग जाती है। इस समस्या के समाधान के लिए कैजुअल्टी में बेड बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इससे गंभीर मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
- प्रो. सुरेश कुमार, प्रभारी, ट्रॉमा सेंटर