भारी फेरबदल के बीच अखिलेश यादव मंत्रिमंडल के शनिवार को होने जा रहे छठें विस्तार में 12 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है। इसके अलावा कुछ राज्यमंत्रियों का प्रमोशन भी किया जा सकता है।
बृहस्पतिवार को आठ मंत्रियों की बर्खास्तगी के बाद टीम अखिलेश में शामिल होने के दावेदार राजधानी में डेरा जमाए हुए हैं और सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव से लेकर पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं से संपर्क करके अपनी जगह पक्की कराने की जोड़-तोड़ में जुटे हैं।
मंत्री पद के प्रमुख दावेदारों में अशोक वाजपेयी, मदन चौहान, राकेश छर्रा, रघुराज सिंह शाक्य, दीपक यादव, शादाब फातिमा, रूचिवीरा, आशु मलिक आदि के नामों की चर्चा है।
आठ मंत्रियों की छुट्टी होने के बाद अखिलेश यादव कैबिनेट में अब 46 मंत्री रह गए हैं। नियमानुसार मुख्यमंत्री समेत 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। हालांकि कैबिनेट में 14 मंत्रियों को शामिल करने की गुंजाइश है लेकिन भरोसेमंद सूत्रों की मानें तो 12 को ही शपथ दिलाने की तैयारी है। इसके अलावा कुछ राज्यमंत्रियों की पदोन्नति किए जाने की भी चर्चाएं हैं।
समाजवादी पार्टी के अंदरखाने इस बात की भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि अखिलेश की ‘गुडबुक’ में शामिल राज्यमंत्री अरविंद सिंह गोप, कमाल अख्तर व यासर शाह जैसे राज्यमंत्रियों की प्रोन्नति की जा सकती है।
ये हैं मंत्री बनने की दौड़ में शामिल
मंत्री बनने की दौड़ में पूर्वांचल के विधायक राधेश्याम सिंह, गजाला लारी, सुभाष पासी, प्रभु दयाल वाल्मीकि पुरवा (उन्नाव) के उदयराज, नरेश उत्तम, जय प्रकाश अंचल, पवन पांडेय तथा वीरेंद्र सिंह भी शामिल बताए जा रहे हैं।
महिला दावेदारों में शादाब फातिमा व रुचिवीरा के अलावा हाल ही में एमएलसी मनोनीत की गईं लीलावती कुशवाहा, मधु गुप्ता व सरोजिनी अग्रवाल के नाम की भी चर्चा चल रही है।
आठ मंत्रियों की बर्खास्तगी की खबर आने के बाद बीती शाम से ही मंत्री पद के दावेदार राजधानी पहुंचने लगे। मुख्यमंत्री आज उड़ीसा में थे इसलिए ज्यादातर दावेदार सपा मुख्यालय पर मुलायम सिंह यादव से मिलकर ‘आशीर्वाद’ लेने की मुहिम में जुटे रहे।
तमाम दावेदार दिल्ली में प्रो. राम गोपाल यादव और यहां शिवपाल सिंह यादव के जरिये भी अपनी गोटें फिट करने की तिकड़म में लगे रहे। दावेदारों में पूरे दिन यह टोह लेने की होड़ भी लगी रही कि राजभवन भेजी जाने वाली सूची में उनका नाम शामिल है भी या नहीं। चूंकि मुख्यमंत्री राजधानी से बाहर थे इसलिए उन्हें मायूसी हाथ लगी।
देर शाम मुख्यमंत्री के राजधानी लौटने के बाद पार्टी में सरगर्मियां फिर तेज हो गईं। तमाम दावेदार अखिलेश से मिलने के जुगाड़ में लगे रहे। देर शाम तक राजभवन की ओर से शपथ ग्रहण के लिए नामों की सूची मिलने से इनकार किया जाता रहा। माना जा रहा है कि देर रात तक मुख्यमंत्री राज्यपाल को उन नामों की सूची भेज सकते हैं जिन्हें सुबह शपथ दिलाई जानी है।