सपा पार्षद दल के नेता यावर हुसैन रेशू, कांग्रेस पार्षद अमित चौधरी और कार्यकारिणी सदस्य शैलेंद्र सिंह बल्लू का कहना है नगर निगम पर 350 करोड़ की देनदारी है। विकास कार्य के लिए बजट का रोना है। ठेकेदारों का भुगतान नहीं हो रहा।
कर्मचारियों का पीएफ नहीं जमा हो रहा है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को देयकों को भुगतान नहीं किया जा रहा। ऐसे में हर महीने एक लाख रुपये सुरक्षा कर्मियों पर खर्च करना शाहखर्ची है।
यह जनता के धन की बर्बादी है। जब सरकारी सुरक्षा गार्ड मिला है तो प्राइवेट सुरक्षा गार्ड रखने की क्या जरूरत। इससे पहले किसी महापौर ने ऐसे दिखावे पर पैसा नहीं बर्बाद किया।
मामले पर मेयर संयुक्ता भाटिया का कहना है कि बाउंसर लगाने का काम नगर निगम का है। अधिकारी जाने कितना खर्च हो रहा है। निगम के अधिकारी मांगने पर भी खर्च का हिसाब नहीं देते हैं। तमाम जगह खर्च हो रहा है, किसी को उसका हिसाब कहां पता है।