होटल लेवाना सुइट्स अग्निकांड की चपेट में शहर के बड़े-बड़े बिल्डर, होटल कारोबारी, नर्सिंग होम संचालक आदि आ गये हैं। जिन लोगों ने एलडीए के प्रवर्तन इंजीनियरों से सांठगांठ करके अवैध रूप से बड़े-बड़े व्यावसायिक निर्माण कराए, उनकी मुसीबत बढ़ने जा रही हैं। दरअसल, जिन बिल्डरों ने आवासीय जमीन पर बिना मानचित्र या घर के मानचित्र पर कॉम्प्लेक्स, माल, नर्सिंग होम, होटल खड़े कर दिए, वह राडार पर आ गये हैं।
एलडीए अफसरों का अनुमान है, कि आवासीय भूखंड पर 12,500 कॉम्प्लेक्स, माल, नर्सिंग होम, होटल खड़े हैं। एलडीए ने ऐसे अवैध निर्माण का का सर्वे करने के लिए 50 इंजीनियरों की टीम को लगाई है। एलडीए अवैध होटलों को पहले से ही नोटिस देकर सूचीबद्ध कर चुका है। अब कॉम्प्लेक्स, माल, नर्सिंग होम को सूचीबद्ध करना शुरू कर दिया है। ऐसे सभी बिल्डर आदि को 22 सितंबर से पहले नोटिस भी मिलना तय है। यह वह इमारतें होंगी जिसमें फायर विभाग से एनओसी नहीं ली गई। अवैध निर्माण को कराने में बिल्डर संग इंजीनियर भी फंस गये हैं।
हाईकोर्ट में पेश होगी रिपोर्ट
होटल लेवाना सुइट्स अग्निकांड का स्वत: संज्ञान लेकर जांच शुरू कर दी है। एलडीए अफसरों को हाईकोर्ट में पेश होना है। इसके लिए शहर के अवैध निर्माण की सूची तैयार की जा रही है। सर्वे की रिपोर्ट तैयार करके हाईकोर्ट में पेश की जाएगी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट नियमों को ताक पर रख करके खड़े किये गये कॉम्प्लेक्स, माल, नर्सिंग होम, होटल पर कार्रवाई के आदेश भी दे सकता है।
13 थाना क्षेत्रों में सर्वाधिक अवैध निर्माण
शहर के 13 थाना क्षेत्रों में हजरतगंज, हुसैनगंज, नाका, वजीरगंज, चिनहट, गोमतीनगर, गोमतीनगर विस्तार, महानगर, अमीनाबाद, चौक, बाजारखाला, सआदतगंज, ठाकुरगंज सर्वाधिक अवैध निर्माण हैं। इनमें 75 फीसदी आवासीय भूखंड पर कॉम्प्लेक्स, माल, नर्सिंग होम, होटल खड़े हैं। सबसे अधिक गोमतीनगर एवं गोमतीनगर विस्तार में हैं।
घर में खुली दुकानों की हो सकती गिनती
एलडीए के गलियारे में यह भी चर्चा की शहर के घरों में दुकान खोलकर कारोबार करने वालों की भी गिनती हो सकती है। अधिकारी बताते कि दो लाख से अधिक लोग घरों में दुकान खोलकर कारोबार कर रहे हैं। मगर, एलडीए के जिम्मेदारों ने घरों में खुली दुकानों की जांच कराने से इंकार किया है।
किसकी कितनी तादाद
10,500 कॉम्प्लेक्स
1000 नर्सिंग होम
500 होटल
500 छोटे माल