मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की 11वीं बैठक मंगलवार को हुई। कैबिनेट की मीटिंग के बाद मंत्री सिद्धार्थ सिंह ने बताया कि मीटिंग में कुल छह बिंदुओं पर चर्चा हुई जिसमें से दो मुद्दे स्वास्थ्य विभाग और चार अन्य विभाग के थे।
सिद्धार्थ सिंह ने कहा, आज बैठक में लिए गए फैसले मिसाल होंगे। उन्होंने बताया कि वॉक इन इंटरव्यू के जरिए डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी। ऑनलाइन इंटरव्यू के लिए तीन सदस्यीय समिति बनेगी। उन्होंने इस फैसले को ऐताहिक फैसला बताया।
सिंह ने कहा ये फैसला स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव लाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 18382 कुल चिकित्सक हैं और कुल 7348 खाली पद हैं, जिसमें 4598 पद सीएचसी और पीएचसी के खाली है। इन पदों को भरने के लिए इंटरव्यू के जरिए भर्ती होगी। देखें कैबिनेट के फैसले...
1. वॉक इन इंटरव्यू के जरिए डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी। ऑनलाइन इंटरव्यू के लिए तीन सदस्यीय समिति बनेगी। डॉक्टरों को एक साल के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर रखा जाएगा। काम अच्छा होने पर कॉन्ट्रैक्ट दो साल के लिए बढ़ा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सीएचसी और पीएचसी में डॉक्टरों की कमी को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। इंटरव्यू के जरिए 1000 डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी इसमें 500 एमबीबीएस और 500 स्पेशलिस्ट होंगे। इनकी सैलरी पचास हजार से 65 हजार तक होगी। शहर से लेकर गांव तक ए से लेकर डी तक का लेवल दिया जाएगा जिसमे ए लेवल को 50 हजार और डी लेवल को 65 हजार दिया जाएगा।
2 - स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ट्रांसफर पॉलिसी बनाई गई है। पहले ट्रांसफर पालिसी नहीं थी। इसमें भी ए , 16 जिले बी, 29 जिले सी 19 जिले डी श्रेणी में 11 जिले लिए गए हैं। ट्रांसफर पॉलिस के मुताबिक एक फरवरी से 31 मार्च तक ट्रांसफर होंगे। निजी अनुरोध एक फरवरी से 31 मार्च तक किया जा सकेगा। 1दिसम्बर से 5 दिसंबर तक दूसरे फेज के ट्रांसफर होंगे।
जिनकी सेवा 5 वर्ष के लिए है वह सी और डी का विकल्प देंगे। स्पेशलिस्ट को सिर्फ स्पेशलिस्ट की जगह पर पोस्ट किया जाएगा।
पति पत्नी को गंभीर बीमारी की स्थिति में एक ही जगह पोस्टिंग की छूट दी जाएगी। साथ ही बच्चे इंटर या हाईस्कूल में है तो भी छूट मिलेगी। 15 जून से 30 जून के लिए एक ट्रांसफर विंडो खोली जाएगी
3 - उत्तर प्रदेश कर व्यापार सेवा 2017 में संशोधन किया गया, यह संशोधन तृतीय श्रेणी के कर्मचारी के लिए हुआ है। ये पांचवां संशोधन है।
4 - परियोजनाओं में जो टाइम और कास्ट बढ़ जाती है इसके लिए निर्णय लिया गया है। जिसके तहत अब डीपीआर को नियमित किया गया है साथ ही डेट को लेकर आखिरी तारीख साथ ही कास्ट को भी लिखना अनिवार्य कर दिया गया। इसकी मॉनीटरिंग भी की जाएगी।
5 - रोजगार के लिए लोग प्रदेश छोड़कर न जाएं इसके लिए ज्यादा से ज्यादा निवेश का फैसला लिया गया है। इंटेक्स इलेक्ट्रानिक 372 करोड़ रुपए निवेश करेगी जिसकी स्वीकृति प्रदान की गई। सैमसंग इंडिया को 4915 करोड़ के लिए निवेश करने की स्वीकृति प्रदान की गई। इससे 10 हजार लोगों को नौकरी मिलेगी। कैबिनेट की तरफ से मंजूरी दे दी गई।
6 - आगरा लखनऊ एक्प्रेस वे पर टोल लगाने के लिए अनुश्रवण समिति बनाई जिसमे सभी सुविधा से युक्त एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट यहाँ चले। साथ ही यहाँ पर इंडस्ट्री को भी डेवलप करने की भी योजना है