फर्जी केस करने वाली को दी आर्थिक मदद ली जाएगी वापस
उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति आयोग ने दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। आगरा के बाह थाने में विरोधियों के खिलाफ फर्जी केस लिखाने वाली महिला से उसे दी गई आर्थिक मदद वसूली जाएगी। उप्र अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग ने यह निर्देश दिए हैं। आयोग के अध्यक्ष बृजलाल ने इस बाबत आगरा डीएम को पत्र लिखा है।
तरासा गांव के सुखलाल की पत्नी मूला देवी ने वहीं के गजेंद्र सिंह समेत दो के खिलाफ मारपीट व एससी-एसटी एक्ट के तहत बाह थाने में मुकदमा लिखाया था। इसकी शिकायत आयोग से भी गई थी। आयोग की सुनवाई के दौरान आगरा के सीओ सत्यम ने बताया कि जांच में यह मामला फर्जी पाया गया है। जांच रिपोर्ट से संतुष्ट होने के बाद आयोग ने मूला देवी को इस मामले में सरकार से मिली 50 हजार रुपये की वसूलने के निर्देश आगरा के जिलाधिकारी दिया।
आयोग के अध्यक्ष बृजलाल ने कहा है कि फर्जी मुकदमा करने पर आर्थिक मदद दिए जाने से गलत संदेश जाएगा। इसलिए दी गई मदद को वसूलने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग की मंशा है कि अनुसूचित जाति के लोगों का उत्पीड़न होने पर तुरंत कार्यवाही हो और मुकदमा सत्य पाए जाने पर आर्थिक सहायता दी जाए।