बहराइच। तराई में अचानक मौसम बदल गया। आंधी-पानी ने तबाही मचा दी। बिजली गिरने से हुजूरपुर थाने का भवन जमींदोज हो गया। भवन का निर्माण 18 साल पहले ही हुआ था।
मिहींपुरवा क्षेत्र में मकान ढहने से एक महिला चपेट में आकर घायल हुई। केले की फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। जगह-जगह तार टूटने से बिजली व्यवस्था भी चरमरा गई है।
तराई में मौसम का मिजाज मंगलवार रात अचानक बदल गया। रात 10 बजे शुरू आंधी-पानी का दौर एक बजे तक जारी रहा। इस दौरान हुजूरपुर थाने के पुराने भवन पर गड़गड़ाहट के साथ बिजली गिरी।
इससे आरक्षी निवास का छज्जा क्षतिग्रस्त हो गया। चहारदीवारी के साथ ही पुराने भवन का कमरा व पेड़ ढह गया। शौचालय भी क्षतिग्रस्त हुआ। संयोग से भवन में कोई नहीं था, जिससे जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।
उधर, मिहींपुरवा विकासखंड के बोझिया गांव में अर्जुन शुक्ला का मकान आंधी में ढह गया। परिवार के लोगों ने भागकर जान बचाई। मधवापुर रमतलिया गांव में मकान ढहने से चपेट में आई कमलावती (45) पत्नी रामेश्वर गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें सीएचसी में भर्ती कराया गया है।
रुपईडीहा थाना अंतर्गत इमामनगर गड़रहवा निवासी अंबिका प्रसाद वर्मा के घर के सामने लगा पीपल व नीम का पेड़ जड़ से उखड़ गया। इससे मकान के टीनशेड का हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ ही, एक ट्रैक्टर भी पेड़ के नीचे दबकर क्षतिग्रस्त हो गया।
फखरपुर क्षेत्र में केले की फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। आंधी के दौरान राजापुर टेंडवा निवासी नानबाबू दुबे की छह एकड़ की केले की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई।
अन्य किसानों की फसलों को भी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। मौसम में तब्दीली से लोगों को गर्मी से निजात जरूर मिली, लेकिन बड़े पैमाने पर तबाही हुई।
फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि दो दिन में पुन: आंधी-पानी का सामना करना पड़ सकता है।
विस्फोट की आशंका से दहशतजदा रहे लोग
आंधी-पानी के दौरान हुजूरपुर थाना भवन पर गड़गड़ाहट के साथ बिजली गिरने व मकान ढहने की आवाज से लगा कि विस्फोट हुआ है।
काफी दूर तक आवाज सुनाई पड़ी, जिससे सभी सहमे रहे। सीओ कैसरगंज दिनेश शर्मा व प्रभारी निरीक्षक नवीन मिश्रा ने बताया कि बिजली गिरने से भवन के साथ पास में एक पेड़ भी गिरा है। विस्फोट नहीं हुआ।
सुबह चिलचिलाती धूप ने किया बेहाल
तराई में रात में झमाझम बरसात के बाद सुबह फिर चिलचिलाती धूप का सामना हुआ। इस कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उमस बढ़ गई। घर से निकलने वाले लोग पसीना-पसीना नजर आए। तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।