घर में लगी आग में जिंदा जला मासूम
डीह (रायबरली)। थाना क्षेत्र के पूरे लोधन का अड्डा मजरे लोधवारी गांव में गुरुवार रात घर में लगी आग में सात साल का मासूम जिंदा जल गया।
उसकी चीखें गूंजतीं रहीं लेकिन भड़की लपटों के बीच घर में घुसने की किसी की भी हिम्मत नहीं हुई। जब तक आग पर काबू पाया जाता, मासूम जिंदा जल चुका था।
वहीं हादसे में आठ बकरियां भी जल गईं। आग लगने के कारण का पता नहीं चल सका है। वहीं लपटों में तीन और घर भी चपेट में आए हैं। किसी तरह ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
डीह थाना क्षेत्र के ग्राम पूरे लोधन का अड्डा मजरे लोधवारी गाव में गुरुवार रात संदिग्ध हालात में रामबहादुर के घर में आग लग गई। देखते ही देखते लपटों ने पूरे घर को चपेट में ले लिया।
घर के अंदर रामबहादुर की पत्नी राजवती व उसका सात वर्षीय पुत्र उदयराज, पुत्री अर्पिता व अंशिका भी सो रही थी। अचानक लपटें उठती देख राजवती दोनों पुत्रियों को लेकर घर से बाहर भागी लेकिन आपाधापी में मासूम उदयराज घर में छूट गया।
जब तक घरवाले उसके बारे में सोचते, लपटें भड़क गई और पूरे घर को चपेट में ले लिया। ग्रामीण जब तक मासूम को बचाते, वह बुरी तरह से झुलस चुका था।
उधर, हादसे सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मासूम को जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि उदयराज की घर के अंदर ही मौत हो गई थी, लेकिन बचने की उम्मीद में अस्पताल ले जाया गया। मासूम गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा दो का छात्र था।
वहीं आग लगने से पास के रामकुमार, महादेव व राजबहादुर के घर भी राख हो गए। इसमें छप्पर के नीचे बधी राजबहादुर की आठ बकरियां भी चपेट में आने से जिंदा जल गईं।
फायर ब्रिगेड व ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। थानेदार रामआशीष उपाध्याय ने बताया कि मासूम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। हालांकि तहसील का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंच सका था और न ही पीड़ित परिवार को कोई मदद मुहैया कराई गई।