बलरामपुर। जिले के 450 परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लासेज का संचालन किया जाएगा। परिषदीय स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता के सुधार का व्यापक प्रयास शुरू कर दिया गया है। स्मार्ट क्लासेज में करीब 75 हजार विद्यार्थियों को बेहतर ढंग से पढ़ाया जाएगा। नीति आयोग के निर्देश पर जिले के नौ शिक्षा क्षेत्रों में स्मार्ट क्लासेज के लिए 50-50 स्कूलों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिले में 2221 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों का संचालन किया जा रहा है जिसमें 2.18 लाख बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
जिले की साक्षरता दर 49.5 प्रतिशत है। प्रदेश की साक्षरता दर 69.72 प्रतिशत है। जिले की साक्षरता दर प्रदेश के सापेक्ष 20.22 प्रतिशत कम है। जिले में एससी/एसटी की आबादी 14 प्रतिशत है। अनुसूचित जाति की साक्षरता दर मात्र 13 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति की साक्षरता दर मात्र 1.2 प्रतिशत है। बरसात के मौसम में जिले के 550 से अधिक स्कूल तीन माह के लिए जलमग्न हो जाते हैं।
शिक्षकों की है भारी कमी
जिले में आरटीई मानक के अनुसार छात्र व शिक्षक का अनुपात काफी कम है। इसके चलते शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। जिले के प्राथमिक स्कूलों में छात्र व शिक्षक का अनुपात एक के सापेक्ष 66 है जबकि उच्च प्राथमिक स्कूलों में छात्र व शिक्षक का अनुपात एक के सापेक्ष 31 है। जिले में 183 स्कूलों का संचालन एकल शिक्षकों के सहारे किया जा रहा है। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों के 8668 स्वीकृत पदों के सापेक्ष मात्र 3964 कार्यरत हैं जो सृजित पदों का मात्र 45.73 प्रतिशत है। जिले में 28 प्रतिशत शिक्षक गृह जनपद के तथा 72 प्रतिशत शिक्षक गैर जनपदों के हैं। जिले में ड्राप आउट बच्चों का अनुपात 15.16 प्रतिशत है।
स्मार्ट क्लासेज से शिक्षा व्यवस्था में होगा सुधार
डीएम कृष्णा करुणेश ने बताया कि, योजना भवन लखनऊ में नौ अप्रैल को नीति आयोग की बैठक आयोजित हुई थी। इसमें जिला प्रशासन की ओर से परिषदीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था के सुधार को लेकर ब्यौरा प्रस्तुत किया गया था। नीति आयोग के सुझाव पर जिले में स्मार्ट क्लासेज का संचालन शुरू करने की योजना तैयार की जा रही है। स्मार्ट क्लासेज में आरटीई मानकों के अनुसार शिक्षकों की तैनाती होगी। इसमें प्रोजेक्टर से पढ़ाया जाएगा, लाइब्रेरी की व्यवस्था होगी, ग्राम पंचायत निधि से कमरे दुरुस्त कराए जाएंगे, विद्यालय में किचन सेट बनेगा, बच्चे डायनिंग टेबल पर भोजन करेंगे और शौचालय दुरुस्त होंगे। बीएसए रमेश यादव व डीएसटीओ ओमकार सिंह को स्मार्ट क्लासेज संचालित कराने, कक्षा पांच पास करने वाले सभी विद्यार्थियों को कक्षा छह में एडमीशन दिलाने, स्कूलों के भौतिक संसाधनों में सुधार कराने, बच्चों को उत्कृष्ट शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने, ड्राप आउट बच्चाें का अनुपात कम कराने तथा हर माह प्रतियोगिताएं कराने के संबंध में रणनीति तैयार करने का निर्देश दिया गया है। जिले की परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लासेज का संचालन शुरू होने से शिक्षा की गुणवत्ता में खासा सुधार होगा।