बहराइच। सरयू में पवित्रता फिर लौटने की उम्मीद जगी है। श्रद्धालु फिर से पावन सरयू में आचमन कर सकेंगे। नदी की सफाई के लिए सिंचाई विभाग की ओर से 62 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
बजट के अनुमोदन के लिए गंगा संरक्षण व सरयू बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने लखनऊ पहुंचकर सिंचाई राज्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा।
पदाधिकारियों का कहना है कि कोशिश है कि अप्रैल के अंत तक बजट पास हो जाए, जिससे पावन सरयू को फिर उसका पुराना अस्तित्व हासिल हो सके।
शहर के निकट से गुजरने वाली सरयू नदी नाले के मानिंद सिमट कर रह गई है। कारण, शहर के साथ ही चीनी मिल व अन्य स्थानों का कचरा व गंदा पानी सरयू में गिराया जा रहा है, जिससे सरयू धीरे-धीरे अपना अस्तित्व खो रही है।
शहर के त्रिमुहानीघाट, बरुहाघाट, वशीरगंज और हरदत्त घाट के निकट गंदा पानी और कचरा नदी में गिरने से नदी का जल आचमन योग्य भी नहीं रह गया है।
पूजित नदी का जल न सिर्फ काला है बल्कि जलकुंभी, सेवार और काई से नदी निरंतर सिमट रही है। नदी के अस्तित्व को सहेजने के लिए सरयू बचाओ संघर्ष समिति ने आंदोलन छेड़ा।
पूर्व जिलाधिकारी अजयदीप सिंह ने रुचि दिखाई, जिसके कारण गंगा संरक्षण समिति का गठन हुआ। पूर्व जिलाधिकारी के निर्देश पर सिंचाई विभाग सरयू ड्रेनेज खंड प्रथम को कार्य योजना बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
यह कार्य योजना बनकर अब तैयार हुई है। इसकी फाइल शासन को भेज दी गई है। लगभग 92 किलोमीटर लंबी नदी की सफाई पर 62 करोड़ का खर्च आएगा।
ड्रेनेज खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता शोभित कुशवाहा ने बताया कि शासन से बजट मिलते ही सफाई का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
प्रस्ताव की फाइल शासन को भेजे जाने की सूचना पर सरयू बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष राकेश चंद्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ के सिंचाई भवन एनेक्सी में सिंचाई राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। नदी व उसके घाटों के जीर्णोद्धार के लिए शीघ्र ही बजट आवंटन करने का आग्रह किया।
अप्रैल के अंत तक बजट मिलने की उम्मीद
गंगा संरक्षण समिति के सदस्य व संघर्ष समिति अध्यक्ष राकेश चंद श्रीवास्तव ने बताया कि राज्यमंत्री सिंचाई ने बजट जारी करने का आश्वासन दिया है।
प्रयास है कि अप्रैल के अंत तक बजट मिल जाए। इसके साथ ही जीर्णोद्धार की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। प्रतिनिधि मंडल में पूर्व जिलाधिकारी डॉ. ओम प्रकाश, सरदार जोगेंद्र सिंह, मिथलेश श्रीवास्तव, सम्मी सरदार आदि मौजूद रहे।