बाराबंकी। जिले में बढ़ रहीं आपराधिक घटनाओं से आजिज होकर किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। गुरुवार को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से गन्ना कार्यालय पहुंचे किसान पूरे दिन धरने पर डटे रहे। मांगों को लेकर आयोजित किसान महापंचायत में किसानों ने जमकर भड़ास निकाली और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
गन्ना कार्यालय में आयोजित किसान महापंचायत में सभी ब्लॉक अध्यक्षों के नेतृत्व में करीब दो हजार किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पहुंचे। किसानों में जिले में बढ़ रहीं आपराधिक घटनाओं में लूट, चोरी, डकैती, छिनैती, ठगी, हत्याओं को लेकर आक्रोश दिखा। महापंचायत को संबोधित करते हुए भाकियू के प्रांतीय महासचिव मुकेश सिंह ने कहा कि जिले की जनता ने सबका साथ सबका विकास व न गुंडाराज न भ्रष्टाचार, गरीब मजलूमों की सुरक्षा के वादे पर वोट देकर सरकार बनाई थी। बाद में भाजपा सरकार में ही किसानों का पुलिस द्वारा उत्पीड़न शुरू कर दिया गया। किसान शिकायत करने पहुंचें तो न शिकायत दर्ज होती है और न किसानों के घर हुई चोरियों का खुलासा किया गया। भाकियू के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार वर्मा ने कहा कि उनके घर हुई करीब तीन लाख की चोरी में पुलिस अभी खाली हाथ है। नरतला मजरे सरसौंदी निवासी किसान चंद्रिका प्रसाद पुत्र कंधई को मृतक दर्शाकर भूमाफिया ने उसकी आठ बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया। तब से किसान अपने को जीवित साबित करने के लिए भटकता रहा, उसे न्याय नहीं मिला। डीएम व एसपी से शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने पर किसानों ने यह मुद्दा पंचायत में उठाया। वहीं किसान सात सूत्री मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास कूच करने जा रहे थे कि मौके पर पहुंचे एडीएम अनिल कुमार सिंह ने मंच से कहा कि किसान को मृतक दिखाकर उसकी जमीन हड़पने के मामले में चार जनवरी को कोर्ट में उसकी तारीख लगी है। किसान के पक्ष में आदेश कराकर उसको जमीन दिलाई जाएगी और अन्य जायज मांगों का निराकरण कराने का आश्वासन दिया, तब जाकर किसान शांत हुए। इस मौके पर हौसिला प्रसाद, सतीश वर्मा रिंकू, डॉ. रामसजीवन, अमर सिंह, परीदीन रावत, रामू, सरोज आदि मौजूद रहे।