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मृदा परीक्षण के आधार पर खाद का करें प्रयोग

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सीतापुर। विश्व मृदा दिवस पर कृषि विज्ञान केंद्र कटिया मानपुर में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सांसद राजेश वर्मा ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान किसानों को आय बढ़ाने के अलावा बेहतर उत्पादन के लिए नवीन तकनीक से खेती करने की सलाह दी गई। सांसद ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद राजेश वर्मा ने कहा कि कृषि एवं ग्रामीण विकास हेतु भारत सरकार द्वारा 70 योजनाएं संचालित की जा रही हैं। जिनका परोक्ष रूप से कृषक भाइयों को लाभ मिल रहा है। मृदा स्वास्थ्य योजना भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इन योजनाओं से किसानों की आय दोगुनी करने में सहायता मिलेगी। विशिष्ट अतिथि पूर्व सहायक महानिदेशक आईसीएआरएनई दिल्ली डॉ. टीपी त्रिवेदी ने जैविक खेती व संतुलित उर्वरकों का प्रयोग का संकल्प दिलाते हुए कहा कि यदि हमें खेतों को ऊसर होने से बचाना है तो मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करना होगा। जिला कृषि उपनिदेशक एएम मिश्रा ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड से होने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से आपके खेत में उपस्थित पोषक तत्वों जैसे पीएच मान, कार्बनिक पदार्थ, नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, सल्फर, जिंक, लोहा और मैगनीज की मात्रा की जांच कर उनकी कमी या अधिकता को दर्शाया जाता है और उसी के अनुरूप आपको खेत में खाद या उर्वरक डालने की सलाह दी जाती है। इससे खेतों में अधिक खाद डालने की आदत पर रोक लगेगी और संतुलित मात्रा में खाद डालने से मिट्टी खराब नहीं होगी। अध्यक्षता करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आनंद सिंह ने एकीकृत कृषि प्रणाली पर जोर देते हुए कहा कि कृषि में सहायक गतिविधियां जैसे कि घर के पिछवाडे़ मुर्गी, मधुमक्खी, बतक, खरगोश व बकरी पालन तथा डेयरी विकास एवं मत्स्य पालन के माध्यम से कृषक आय को दोगुना किया जा सकता है। पशुपालन से प्राप्त अपशिष्ट के माध्यम से जैविक खाद तैयार कर लागत कम करके अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकते हैं। वहीं बागवानी, कृषि वानिकी कृषक भाइयो ंके लिए अतिरिक्त लाभ दे सकते हैं। जिला उद्यान अधिकारी विनय कुमार यादव ने उद्यान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी। सेक्रेट हॉर्ट महाविद्यालय सीतापुर के वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज सक्सेना ने परंपरागत कृषि को बढ़ावा देने के लिए किसानों को जागरूक किया। इस दौरान कृषि विभाग द्वारा तैयार किये गये मृदा स्वास्थ्य कार्ड सांसद राजेश वर्मा द्वारा वितरित किए गए। इस मौके पर डॉ. दयाशंकर श्रीवास्तव, सचिन प्रताप तोमर, विकास, अनिल, शैलेंद्र, डॉ. सौरभ, डॉ. शशिकांत आदि मौजूद थे।
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