सीतापुर। सूर्य षष्ठी डाला छठ पर्व की रौनक शहर में दिखने लगी है। आस्था और विश्वास का केंद्र बना यह महापर्व मंगलवार से पूरे जिले में श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व का समापन 27 अक्तूबर को उगते सूरज को अर्घ्य देकर किया जाएगा।
छठ पर्व को लेकर तालाब व घाट के किनारे वेदियां तैयार कर ली गई हैं। पर्व मनाने के लिए महिलाओं के अलावा बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक खासे उत्साहित हैं। पाल्यों की समृद्धि और मंगलकामना के लिए होने वाली इस पूजा में पवित्रता का विशेष ख्याल रखा जाता है। पूजा व व्रत सामग्री के अलावा नए कपड़ों की खरीदारी के लिए छठ पर्व की पूर्व संध्या पर बाजार में गहमागहमी रही। श्रद्धालुओं का कहना है कि छठ मइया का व्रत करने वाले सभी श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूरी करती है। छठ पर्व का पूर्वांचल वासियों में विशेष महत्व है। जिले में रहने वाले करीब पांच सौ परिवार छठ पूजा करते हैं। व्रत रखकर अपनी मंगल कामना छठ मइया से मांगते हैं। छठ पर्व के दौरान साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखा जाता है। इसके लिए श्रद्धालुओं ने घरों की सफाई कर ली है। इस महापर्व की शुरुआत मंगलवार को नहाय-खाय के साथ होगी। इस दिन बिना लहसुन-प्याज और अरवा चावल का भोजन कर नदी अथवा नहर, तालाब के तट पर इस पूजन का शुभारंभ किया जाता है। इसके अगले दिन बुधवार को खरना होगा, जिसमें श्रद्धालु 36 घंटे का उपवास शुरू करेंगे। भगवान को खीर-पूड़ी के साथ ही सभी मौसमी फलों का भोग लगाया जाएगा। अगले दिन संध्या अर्घ्य होगी, जिसमें श्रद्धालु नदी, नहर, तालाब के तट पर ढलते सूर्य को प्रणाम कर जल का अर्घ्य देंगे। अंतिम दिन सूर्योदय के समय अर्घ्य और परना होगा। इस दिन उगते सूर्य को प्रणाम कर अर्घ्य देने के साथ ही इस महापर्व का समापन होगा। छठ पर्व को लेकर सोमवार को शहर की बाजार में श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी की। पूजन सामग्री में प्रयोग होने वाले फल सेब, संतरा, अंगूर, कद्दू, अनार, नारियल, अमरूद, कच्ची हल्दी, मूली आदि की खूब बिक्री हुई। छठ पर्व के लिए श्रद्धालुओं ने तालाब व घाट के किनारे पूजा की वेदियां बना ली हैं।
इन स्थानों पर की जाती छठ पूजा
शहर के चार प्रमुख स्थानों पर छठ पूजा की जाती है। सबसे ज्यादा चहल-पहल 27वीं वाहिनी पीएसी के तालाब व गोल्फ ग्राउंड के तालाब पर होती है। पुलिस लाइन के मंदिर में भी छठ पूजा होती है। इसके अलावा ताड़कनाथ मंदिर में सरायन नदी के तट पर श्रद्धालु छठ पूजा करते हैं।