फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घाघरा ने तेज की कटान, चपेट में 127 गांव

विज्ञापन
विज्ञापन
करनैलगंज। घाघरा का तांडव मंगलवार को जारी रहा। बाढ़ से अब तक 127 गांव प्रभावित हो चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को बैराजों से 1.95 क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है। बुधवार को घाघरा का जलस्तर और बढ़ सकता है।
विज्ञापन


मंगलवार को 23 नए मजरे बाढ़ से प्रभावित हो गए। करनैलगंज तहसील की करीब 15 ग्राम पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हो चुकी हैं। करीब 20 से अधिक मजरों की ओर बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ रहा है।

करनैलगंज तहसील की एक दर्जन ग्राम पंचायतों नकहरा, काशीपुर, प्रतापपुर, घरकुंइया, पूरे अंगद, भटपुरवा, दिवली, गौरासिंहपुर, बहुवन मदार मांझा, शिवगढ़, अतरसुइया, मोहम्मदपुर गड़वार, मांझा रायपुर, रेक्सड़िया एवं चन्दापुर किटौली के अब तक 85 मजरे प्रभावित हो चुके हैं।
विज्ञापन


जिले की सीमा पर बसी बाराबंकी जिले की पांच ग्राम पंचायतों परसावल, रायपुर, बेहटा, कमियार, नैपूरा तथा पारा के 38 मजरे पहले से ही बाढ़ प्रभावित हैं।

मंगलवार को 4 नए मजरों में पानी घुस गया। जिससे यह संख्या 42 हो गई है। उधर करनैलगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम नकहरा के 15 मजरे, काशीपुर के 10 मजरे, ग्राम घरकुइंया के 13 मजरे, प्रतापपुर के 10, पूरे अंगद के 11, गौरा सिंहपुर के 4 मजरे, पूरे अंगद के 12, रेक्सड़िया के 6 मजरों में पानी भरने लगा है।

चन्दापुर किटौली के 4 गांव अब तक बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। इसके अलावा करीब 20 मजरे ऐसे हैं जहां तेजी से पानी घुस रहा है। विभिन्न बैराजों से मंगलवार को करीब दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह पानी बुधवार की सुबह एल्गिन-चरसड़ी बांध तक पहुंचने की संभावना है।

छह ग्राम पंचायतों के करीब 30 मजरे ऐसे हैं जिनका मार्ग से संपर्क कट चुका है। सोमवार को नदी खतरे के निशान 106.07 से बढ़कर 106.356 था जो मंगलवार की शाम शाम तक का जलस्तर 106.426 पहुंच गया।

सहायक अभियन्ता अमरेश सिंह ने बताया कि पानी का डिस्चार्ज 1 लाख 95 हजार के करीब है। बुधवार को नदी का जलस्तर करीब 15 सेंटीमीटर और बढ़ने की संभावना है।

25 मीटर बांध का हिस्सा नदी में समाया
करनैलगंज। घाघरा एल्गिन-चरसड़ी बांध का पीछा नहीं छोड़ रही है। बांध में कटान व दरार होने से बांध के गिरने का सिलसिला भी जारी है।

मंगलवार को बांध में आई लंबी दरार से एक तरफ का हिस्सा करीब 25 मीटर नदी में चला गया। नदी की धारा की ओर बांध में करीब 400 मीटर लम्बी दरारें स्पष्ट दिखाई देने लगी हैं।

बांध के किनारे-किनारे ग्राम बेहटा, पारा के सामने तक करीब दो किलोमीटर में नदी बांध से सटकर कटान करने में लग गई है। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि हर संभव बांध को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें