रायबरेली। जिले की 989 ग्राम पंचायतों में वर्ष 2017-18 में कराए गए विकास कार्यों के बिल-वाउचर प्रिया साफ्ट पर अपलोड नहीं हो सके हैं। ये काम दो महीने पहले ही हो जाना चाहिए था, लेकिन अब तक 730 ग्राम पंचायतों ने काम पूरा नहीं किया है। आशंका है कि इन ग्राम पंचायतों में बजट तो खर्च कर दिया गया, लेकिन कागज अधूरे पडे़ हैं। गांवों में सरकारी धन में घालमेल की भी आशंका है। सबसे खराब प्रगति वाले छह ब्लॉकों के सहायक विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करके वेतन रोक दिया गया है। सभी को 15 दिन में शत-प्रतिशत काम पूरा करने के आदेश दिए गए हैं।
वर्षं 2017-18 में जिले की 989 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने के लिए 14वें वित्त, राज्य वित्त, 13वें वित्त व अन्य योजनाओं से एक अरब रुपये से अधिक बजट दिया गया। वित्तीय वर्ष खत्म होने के साथ ही ईयर बुक बंद करके रिपोर्ट ऑनलाइन करनी होती है। इसके लिए प्रिया साफ्ट साफ्टवेयर बनाया गया है। आदेश के बाद भी 989 ग्राम पंचायतों में से अब तक 259 ग्राम पंचायतों ने ही काम पूरा कराकर बिल-वाउचर ऑनलाइन किया है। 730 ग्राम पंचायतों में मनमानी जारी है। दीनशाह गौरा, डीह, हरचंदपुर, लालगंज, रोहनिया और ऊंचाहार ब्लॉक की प्रगति सबसे खराब होने के कारण इन ब्लॉकों के एडीओ पंचायत को कारण बताओ नोटिस देकर वेतन रोक दिया गया है। सभी को 15 दिन में प्र्रगति को पूरा करने के आदेश दिए गए हैं।
ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों की प्रगति व बिल-वाउचर प्रिया साफ्ट पर अपलोड होने चाहिए। अब तक मात्र 259 ग्राम पंचायतों ने पिछले वित्तीय वर्ष के कार्यों को प्रिया साफ्ट पर अपलोड किया है। सबसे खराब प्रगति वाले ब्लॉकों के एडीओ का वेतन रोका गया है। अन्य एडीओ को भी 15 दिन में काम पूरा करने के आदेश दिए गए हैं।
सीके वर्मा, जिला पंचायतराज अधिकारी