बहराइच। आंधी-पानी ने जिले में तबाही मचा दी। धूल भरी आंधी के कारण बारातियों से भरी एक कार को रविवार देर रात ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दिया। हादसे में कार सवार सात लोग घायल हो गए। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां दूल्हे के पिता व मामा की मौत हो गई। वहीं, जंगल से सटे इलाकों में ओले गिरे।
आंधी में कई ग्रामीणों के छप्पर और टीन की छतें उड़ गईं। पेड़ धराशायी हो गए। नानपारा-बहराइच मार्ग पर एनएच 28 पर पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित रहा। रात में तेज वर्षा के बाद सुबह चटक धूप निकली। बारिश से मौसम सुहाना बना रहा। तराई में मौसम का मिजाज लोगों को बेहाल किए हुए है।
तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के बीच चढ़ उतर रहा है। इस बीच रविवार रात एक बजे के आसपास अचानक मौसम ने करवट ली। आंधी व बरसात शुरू हुई। वर्षा का क्रम रात दो बजे तक जारी रहा। इससे तापमान में गिरावट दर्ज हुई। लेकिन आंधी के दौरान महसी के बलहा बेहरौली तटबंध पर बाढ़ व कटान पीड़ित 13 ग्रामीणों की झोपड़ियां उड़ गईं।
चपेट में आकर महादेव प्रसाद, प्रेमादेवी, राजरानी, छोटकऊ समेत पांच लोग घायल हुए। रिसिया के करनिया गांव में आंधी में उड़े टीन शेड की चपेट में आकर 45 वर्षीय कलावती पत्नी दिनेश घायल हो गईं। उन्हें सीएचसी में भर्ती कराया गया है। रिसिया नगर में अग्रवाल अतिथि भवन के निकट स्थित नीम का पेड़ ढह गया।
रुपईडीहा कस्बे में सेंट्रल बैंक का एसी टूटकर गिर गया। केवलपुर क्षेत्र में कई स्थानों पर पेड़ गिरे। नवाबगंज थाना क्षेत्र में आंधी से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। यूकेलिप्टस के कई पेड़ बीच से टूट गए। ढोढ़े गांव में केदार के मकान की दीवार ढह गई। नंदा गांव, उमरिया, बसऊ गांव, हरिहरपुर, मिर्जाफाटा व तेजाफाटा में जगह-जगह पेड़ गिरने से जनजीवन अस्तव्यस्त हुआ।
आंधी में जवाहर इंटर कॉलेज के पास स्थित मकान भेंट चढ़ा। अवधूत गांव में ओले गिरने से आम की फसल को नुकसान पहुंचा है। नानपारा-बहराइच मार्ग पर टोल प्लाजा के निकट पेड़ ढहने से एक बाइक सवार जख्मी हुआ। आवागमन भी प्रभावित रहा। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने जेसीबी की मदद से आधे घंटे बाद रास्ता साफ करवा दिया।
चहलारीघाट-बाईपास मार्ग पर पेड़ ढहने से विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई। तार टूट गया। जंगल से सटे इलाकों में भारी वर्षा के साथ ओले भी गिरे। जिससे आम की फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।
रात भर गुल रही बिजली
आंधी और पानी से ग्रामीण अंचलों में विद्युत आपूर्ति ठप रही। जिला मुख्यालय पर ट्रिपिंग की स्थिति बनी रही। रिसिया में रविवार रात एक बजे गुल हुई बिजली के कारण लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हुए। महसी, कैसरगंज, हुजूरपुर, फखरपुर, मिहींपुरवा, नवाबगंज और पयागपुर क्षेत्र में भी जगह-जगह शॉर्ट सर्किट और फ्यूज उड़ने की घटनाएं हुईं।
हुजूरपुर विकासखंड में सुखनदिया फीडर से रात में गुल हुई बिजली से जनजवीन प्रभावित रहा। दोपहर तक सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। जिसके कारण ताजपुर, गोबरहा, रानीपुर समेत 16 गांव में विद्युत सप्लाई ठप रही। रुपईडीहा में भी विद्युत सप्लाई ठप होने से पेयजल संकट उत्पन्न हो गया। शहरी क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति सुबह 10 बजे के बाद शुरू हो सकी। ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी स्थिति बदहाल है।
इन जगहों पर गिरे ओले
आंधी पानी के दौरान जिले के जंगल से सटे बिछिया, सुजौली, मिहींपुरवा, मुर्तिहा, कारीकोट समेत कुछ हिस्सों में ओले भी गिरे। ओले गिरने से तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की कमी आई है।
दो दिन में फिर बदल सकता मौसम
फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण तराई में कम हवा के दबाव का क्षेत्र बनने से अचानक मौसम परिवर्तित हुआ। ऐसे में आंधी के साथ वर्षा हुई। ओले गिरे। उन्होंने कहा कि अभी पश्चिमी विछोभ का असर बना हुआ है ऐसे में आगामी दो दिन में फिर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।