बहराइच। जिला महिला अस्पताल में स्टाफ नर्स के चेंजिंग रूम में पहुंचे तीन अधिकारियों ने बिना किसी महिला कर्मी के छानबीन की। कपड़े चेंज कर रही स्टाफ नर्सों को भी लताड़ा।
इससे क्षुब्ध स्टाफ नर्स सोमवार सुबह हड़ताल पर चली गईं। इससे स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गईं। दो घंटे तक स्टाफ नर्सों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। सिटी मजिस्ट्रेट समेत तीन अधिकारियों पर गंभीर आरोप मढ़े।
मौके पर पहुंचे सीएमएस ने सभी को समझाकर शांत किया। स्टाफ नर्सों ने कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
जिला महिला अस्पताल में व्यवस्थाओं को लेकर कुछ शिकायतें अरसे से लंबित हैं। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों ने जिलाधिकारी को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
उसी के तहत नगर मजिस्ट्रेेट प्रदीप यादव को जांच सौंपी गई है। महिला अस्पताल की स्टाफ नर्सों का कहना है कि रविवार शाम को वे सभी ड्यूटी समाप्त होने पर शाम को चेंजिंग रूम में कपड़ा बदल रही थीं।
तभी तीन लोग चेंजिंग रूम में बिना किसी दस्तक के घुस आए। अचानक तीन व्यक्तियों को सामने देख सभी स्टाफ नर्स सकते में आ गईं। स्टाफ नर्सों का कहना है कि विरोध पर एक व्यक्ति ने अपने को सिटी मजिस्ट्रेट बताया।
इसके बाद कमरे में किसी के छिपे होने की बात कहकर तलाशी शुरू कर दी। लगभग 20 मिनट बाद सभी कमरे से निकले।
इस मामले में स्टाफ नर्सों ने रविवार को ही उच्चाधिकारियों से शिकायत की थी। लेकिन कोई हल न निकलने पर सोमवार सुबह सभी स्टाफ नर्स हड़ताल पर चली गईं।
इससे जिला महिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गईं। मरीजों की देखभाल, ड्रेसिंग, पर्चा बनाने, ऑपरेशन समेत सभी महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हुए।
लगभग दो घंटे तक स्टाफ नर्सों ने सिटी मजिस्ट्रेट के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आंदोलन किया। कुछ और लोगों पर अस्पताल के लेबर में रूम में हस्तक्षेप करने के आरोप मढ़े।
सूचना पर मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. पीके टंडन, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. केके वर्मा ने मौके पर पहुंचकर सभी को समझाकर शांत किया। स्टाफ नर्सों की सुरक्षा व्यवस्था और पुख्ता करने का आश्वासन दिया। तब सभी शांत हुए। दोपहर बाद स्वास्थ्य सेवाएं ढर्रे पर आ सकीं।
डीएम और सिटी मजिस्ट्रेट बोले-मीटिंग में हूं
स्टाफ नर्सों के आंदोलन और सिटी मजिस्ट्रेट पर लगे गंभीर आरोप के मामले में जिलाधिकारी माला श्रीवास्तव से बात करने की कोशिश की गई तो बोलीं, जरूरी मीटिंग में हूं।
खाली होते ही बात करूंगी। सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप यादव पर लगे आरोपों के मामले में उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने भी मीटिंग में होने का हवाला देकर फोन काट दिया।