रायबरेली। शहर से सटे गांव दरियापुर में निर्माणाधीन ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (एम्स) में एमबीबीएस प्रथम वर्ष दाखिले का विकल्प शैक्षिक सत्र 2018-19 में नहीं दिया गया है।
दिल्ली से एमबीबीएस के दाखिले का जो ब्योरा जारी किया गया है, उसमें रायबरेली का नाम शामिल नहीं किया गया है। देश में सिर्फ नौ चिकित्सा संस्थानों की एमबीबीएस की सीटें भारी जानी हैं। ऐसे में यहां एम्स की ओपीडी शुरू होना नामुमकिन लगता है, जबकि एम्स की ओपीडी को जून में चलाने को लेकर तैयारियों जोरशोर से चल रही हैं। हाल ही में केंद्रीय टीम ने एम्स का जायजा लिया था।
एम्स में ओपीडी के साथ ही एमबीबीएस की पढ़ाई भी होनी है, जबकि यहां पर पढ़ाई के लिए भवन तक अभी नहीं बना है। केवल आवासीय छात्रावास बना है। बताया जाता है कि जब तक एमबीबीएस की पढ़ाई नहीं शुरू होगी तब तक ओपीडी शुरू करा पाना संभव नहीं हो सकेगा।
ओपीडी तभी संभव है, जब एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू हो, लेकिन यहां के एम्स के लिए एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए सीटों और न ही अब तक भवन की व्यवस्था की गई है। केवल देश के दिल्ली, पटना, भोपाल, जोधपुर, भुनेश्वर, ऋषीकेश, रायपुर गुंटूर, आंध्रप्रदेश और नागपुर के एम्स के लिए ही एमबीबीएस सीटों के लिए व्यवस्था की गई है।
इस संबंध में सीएमओ डॉ. डीके सिंह का कहना है कि एम्स में प्रस्तावित ओपीडी आउटडोर की होगी। एम्स के लिए बाहर से डॉक्टर आएंगे और ओपीडी करेंगे। इसमें पाठ्यक्रम की कोई व्यवस्था जरूरी नहीं है। जब एम्स के अंदर की इनडोर ओपीडी शुरू होगी तो एमबीबीएस दाखिले की प्रक्रिया करानी जरूरी होगी। आउटडोर ओपीडी के संचालन के लिए एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू होना जरूरी नहीं है।