बाल मुंडवाकर वित्तविहीन शिक्षकों ने मांगी भीख
सीतापुर। वित्तविहीन शिक्षकों का आक्रोश बुधवार को मूल्यांकन केंद्र से लेकर कलेक्ट्रेट तक देखने को मिला। आक्रोशित शिक्षकों ने अकारण मानदेय बंद करने से नाराज होकर पहले जीआईसी केंद्र पर ताला जड़ दिया।
इसके बाद पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से ताला खोलने की गुहार लगाई। जब शिक्षक नहीं माने तो पुलिस ने जबरदस्ती ताला तोड़कर रास्ता बहाल कराया।
इसके बाद शिक्षकों ने बाल मुंडवाकर सरकार का दसवां किया और फिर अर्धनग्न होकर कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर भीख मांगी। डीएम को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है।
माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के बैनर तले शिक्षक यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन बहिष्कार करके जीआईसी केंद्र के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं।
मंगलवार को शिक्षकों ने सरकार का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन किया था। बुधवार को शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी ने धरना-प्रदर्शन की अगुवाई की।
उन्होंने जीआईसी के मेन गेट पर ताला जड़ दिया। इससे मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षक केंद्र के अंदर नहीं पहुंच सके। इसकी जानकारी पाकर सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी व डीआईओएस वहां पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता की मगर वे नहीं माने।
इस पर कॉलेज के पिछले गेट से दो पुलिसकर्मी अंदर पहुंचे और मेन गेट का ताला तोड़कर रास्ता बहाल कराया। यहीं पर प्रदर्शनकारियों ने सरकार का दसवां मनाते हुए बाल मुंडवाए।
इसके बाद अर्धनग्न होकर सड़क पर भीख मांगकर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को देकर कार्रवाई की मांग की है।
जिलाध्यक्ष पंकज पांडेय का कहना है कि यदि सरकार अब भी संज्ञान नहीं लेती है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। यदि आवश्यकता पड़ी तो जेल भी जाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि, ये सरकार पूरी तरीके से संवेदनहीन हो गई है।
उसे हम लोगों की आवाज सुनाई नहीं दे रही है। मूल्यांकन पूरी तरह से असफल हो रहा है। निश्चित समय में ये पूरा नहीं हो सकता है। इस अवसर पर बेेचेलाल भार्गव, सोम दीक्षित, हरीश शुक्ल, पुतान तिवारी आदि मौजूद रहे।