सीतापुर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग अब पेपरलेस हो गया है। थोक व फुटकर औषधि विक्रेताओं को अब ऑनलाइन पेपरलेस तरीके से लाइसेंस निर्गत किए जाएंगे। इससे व्यापारियों को अब लाइसेंस बनवाने के लिए कार्यालय की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। वह घर बैठे ही आवेदन करके लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही कार्यालय में अब फाइलों का अंबार नहीं लगेगा। यह व्यवस्था इस माह के अंत तक लागू हो जाएगी।
थोक व फुटकर औषधि विक्रेताओं को अब तक लाइसेंस की शर्तें पूरी करते हुए जिला औषधि निरीक्षक के यहां आवेदन करना होता था। फिर यहां से जिला औषधि निरीक्षक दुकान का स्थलीय निरीक्षण करके लाइसेंस देने की प्रक्रिया अपनाते थे। इससे एक तो व्यापारियों को अपनी फाइल लेकर कार्यालय आना पड़ता था। वहीं, निरीक्षण के बाद लाइसेंस निर्गत होने तक काफी दौड़भाग करनी पड़ती थी। अब व्यापारियों को इस समस्या से निजात मिलेगी। व्यापारी अब सीधे सहायक आयुक्त औषधि को ऑनलाइन तरीके से आवेदन करेंगे। आयुक्त द्वारा इस आवेदन का परीक्षण करने के बाद वह जिला औषधि निरीक्षक को अग्रसारित करेंगे। औषधि निरीक्षक द्वारा मौके पर जाकर स्थलीय सत्यापन किया जाएगा। जिस दिन वह सत्यापन करेंगे, उसी दिन वह अपनी ऑनलाइन रिपोर्ट मौके पर ही फोटो के साथ पोर्टल पर अपलोड करेंगे। इसके बाद डिजिटल सिग्रेचर के माध्यम से लाइसेंस निर्गत किया जाएगा। व्यापारियों को ई-मेल के माध्यम से ही लाइसेंस मिलेगा। उधर, जिन व्यापारियों को पहले से ही लाइसेंस जारी हो चुका है। अब वह भी इस प्रक्रिया के अंदर आएंगे। जिला औषधि निरीक्षक नवीन कुमार ने कहा कि अब लाइसेंस पेपरलेस ऑनलाइन तरीके से दिए जाएंगे। नए व पुराने लाइसेंसधारकों को नए पोर्टल के अनुसार प्रक्रिया अपनानी होगी। इस माह के अंत तक यह प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
मिलेगा यूनिक कोड
नई प्रक्रिया में लाइसेंस का आवेदन व फॉर्मासिस्ट का पंजीयन अलग-अलग होगा। आवेदक को एक यूनिक कोड़ दिया जाएगा। इस यूनिक कोड के माध्यम से ही फर्मकर्ता अपने फॉर्मासिस्ट को जोड़ेगा। मेडिकल स्टोर स्वामी को ऑनलाइन पोर्टल से लिंक किया जाएगा। आधार सत्यापन के लिए उसी नंबर पर ओटीपी आएगी जो मोबाइल नंबर आधार से कनेक्ट होगा।