मातहतों की शिकायत करने वाली वीमेन पावर लाइन 1090 में तैनात महिला दरोगा का तबादला किए जाने के आदेश पर हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने रोक लगाते हुए एडीजी 1090 अंजू गुप्ता को निजी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।
एडीजी को हलफनामे में यह बताना होगा कि किन कारणों से उन्होंने महिला दरोगा का नाम राष्ट्रपति पदक के लिए बनी सूची से हटाए जाने के निर्देश दिए। कोर्ट ने इसके साथ ही सरकारी वकील से कहा कि वे चार सप्ताह में जवाबी हलफनामा करें जिसमें उन कारणों की जो जानकारी देनी होगी महिला दरोगा द्वारा मातहतों की शिकायत करना और उसके स्थानांतरण किया जाना शामिल हो।
महिला दरोगा शोभा तिवारी के एडवोकेट साबिर अली ने दलील दी थाी कि याची ने अपने मातहतों की शिकायत की थी जिसका कोई संज्ञान नहीं लिया गया उल्टे याची के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई और उसका तबादला लखनऊ से ललितपुर कर दिया गया। इस मामले में कोर्ट से तबादले पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद भी उसे कार्यमुक्त कर दिया गया था।
अफसरों के इस रवैये से नाराज हाईकोर्ट ने डीजीपी ओमप्रकाश सिंह और वीमेन पावर लाइन 1090 की एडीजी अंजू गुप्ता को नोटिस जारी किया था। न्यायमूर्ति मनीष माथुर ने मामले की सुनवाई करते हुए एडीजी व सरकारी वकील को हलफनामे दाखिल करने के आदेश दिए। कोर्ट ने महिला दरोगा का स्थानांतरण करने और इसके बाद उसे कार्यमुक्त करे जाने के आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को नियत की है।