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ऑनलाइन फीड की गई स्कूलों की गलत जानकारी को बदलना नहीं है आसान

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आरटीई : ऑनलाइन फीड स्कूलों की गलत जानकारियां बदलना मुश्किल
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- अभिभावकों की खत्म नहीं हो रही परेशानी

अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। निशुल्क शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के अंतर्गत स्कूलों के चयन में आ रही गड़बड़ियों को लेकर अभिभावकों को राहत मिलती नहीं दिख रही है। विभाग अपने स्तर से इन गड़बड़ियों में सुधार नहीं कर सकता। मैपिंग करने के बाद एनआईसी ने सूची को ऑनलाइन कर वेबसाइट लॉक कर दी है, जिसके चलते फिलहाल सुधार की गुंजाइश नहीं दिख रही है।
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आरटीई के तहत निजी स्कूलों में बच्चों के दाखिले के लिए अभिभावक ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं। आवेदन करते समय स्कूलों के चयन को लेकर कई प्रकार की गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। अभिभावकों के अनुसार मैपिंग में स्कूलों को सही ढंग से सूचिबद्ध नहीं किया गया है। आवेदन वार्ड वार करना है। कई ऐसे वार्ड हैं जिनके अंदर दूसरे वार्ड के स्कूल दर्शा रहे हैं। वहीं अल्पसंख्यक वर्ग के स्कूलों को भी सूचिबद्ध कर दिया गया है। जबकि इस वर्ग के स्कूल आरटीई के अंतर्गत नहीं आते। इसके अलावा कई वार्डों में स्कूलों की संख्या भी कम दिखाई दे रही है। अभिभावकों ने इसको लेकर विभाग में शिकायत भी दर्ज कराई है। इन गड़बड़ियों के चलते वे आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। अभिभावकों की यह परेशानी खत्म होती नहीं दिख रही। मैपिंग के बाद स्कूलों की वार्ड वार सूची एनआईसी को सौंप दी गई। एनआईसी ने वेबसाइट पर सूची ऑनलाइन कर उसे लॉक कर दिया है, जिसके चलते प्रक्रिया के बीच में विभाग इसमें कोई फेरबदल नहीं कर सकता। बीएसए डॉ. अमर कांत सिंह ने बताया कि शिकायतों को लेकर सत्यापन कराकर निस्तारण किया जाएगा। सूची में बदलाव के लिए अनुमति ली जाएगी।
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