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जिला अस्पताल के डॉक्टर के घर भर्ती मिले मरीज

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बहराइच। जिला चिकित्सालय में हड्डी रोग विशेषज्ञ/सर्जन के पद पर तैनात डॉ. आरके वर्मा आवास पर अवैध तरीके से नर्सिंगहोम संचालित कर रहे थे। सीआरओ की अगुवाई में हुई छापेमारी में नर्सिंगहोम संचालन की पुष्टि हुई। छह मरीज भर्ती मिले। मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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नर्सिंगहोम को सीज कर दिया गया है। अन्य छह डॉक्टरों के यहां भी छापेमारी हुई। लेकिन सब कुछ ठीकठाक मिला। हड्डी रोग विशेषज्ञ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। एफआईआर दर्ज करवाने की भी तैयारी है।

जिले के सरकारी चिकित्सकों द्वारा अवैध तरीके से क्लीनिक संचालन की शिकायतें शासन में की गई थी। शासन ने जिलाधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उसी के तहत डीएम माला श्रीवास्तव ने मुख्य राजस्व अधिकारी राजेश कुमार की अगुवाई में टीम गठित की।
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टीम में डिप्टी सीएमओ विजय वर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप यादव, प्रभारी सीएमएस ओपी पांडेय, एसडीएम सदर एसपी शुक्ला और राजस्व निरीक्षक परमात्मादीन त्रिपाठी शामिल रहे। टीम सुबह 10 बजे जिला चिकित्सालय के हड्डी रोग विशेषज्ञ व सर्जन डॉ. आरके वर्मा के कानूनगोपुरा स्थित आवास पर पहुंची।

आवास में बाहर से ताला लगा था। अंदर मरीज भर्ती थे। एक घंटे तक टीम ने चिकित्सक का इंतजार किया, लेकिन वह आने के लिए टाल मटोल करते रहे। सीआरओ ने जब ताला तोड़वाने की बात कही, तब आनन-फानन में चिकित्सक ने अपने सहयोगी को भेजकर ताला खोलवाया।

टीम अंदर पहुंची तो नर्सिंगहोम संचालित होता मिला। ऑपरेशन थियेटर, मरीजों को भर्ती करने के लिए वार्ड स्थापित मिला। छह मरीज भर्ती मिले। सभी ने डॉ. आरके वर्मा द्वारा इलाज किए जाने की पुष्टि की। इस पर सीआरओ ने प्रभारी मुख्य चिकित्साधीक्षक को निर्देश देकर छह मरीजों को स्ट्रेचर द्वारा जिला अस्पताल पहुंचाकर भर्ती करवाया।

नर्सिंगहोम में मिले अभिलेख को कब्जे में लेने के बाद फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी हुई। इसके बाद एसडीएम सदर व राजस्व निरीक्षक ने मकान पर सरकारी ताला जड़ दिया। मुख्य राजस्व अधिकारी ने बताया कि डॉ. आरके वर्मा द्वारा अपंजीकृत नर्सिंग होम का संचालन किया जा रहा था।

इस मामले में रिपोर्ट तैयार की जा रही है। विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जा रहा है। एफआईआर भी करवाई जाएगी।

बाहर से लगा था ताला, अंदर हो रहा था इलाज
मुख्य राजस्व अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि मौके पर लग रहा था कि मकान बंद है। बाहर ताला लटक रहा था। लेकिन आसपास के लोगों से घर के अंदर अस्पताल संचालन की पुष्टि हुई। सख्ती करने के बाद ताला खुला तो सारा मामला सामने आ गया।

ये मरीज मिले भर्ती
जिला चिकित्सालय के हड्डी रोग विशेषज्ञ के अवैध नर्सिंगहोम में सलारगंज निवासी पप्पू, बौंडी के ठोकरी निवासी बाबूराम, गणेशपुर निवासी सुभाषचंद्र, मल्हीपुर निवासी मोहम्मद कैफ समेत छह रोगी मिले। सभी को स्ट्रेचर से जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

छह अन्य डॉक्टरों के यहां भी छापेमारी
सीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके तिवारी व सर्जन डॉ. अरविंद के सिविल लाइंस स्थित आवास पर छापेमारी हुई। यहां भी नर्सिंगहोम संचालित होता मिला। लेकिन दोनों चिकित्सकों ने बताया कि उन्होंने वीआरएस ले लिया है।

नर्सिंगहोम के कागजात दुरुस्त मिले। टीम ने बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा, नाक गला रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके वर्मा, डॉ. पारितोष और डॉ. आरके जिंदल के आवास पर भी छापेमारी की। लेकिन यहां व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं।

संविदा चिकित्सक का भी चल रहा नर्सिंगहोम
जिला चिकित्सालय के बाल रोग विभाग में तैनात चिकित्सक डॉ. गयास अहमद के नर्सिंगहोम पर डिगिहा के निकट छापेमारी हुई। डॉक्टर गयास ने स्वीकार किया कि नर्सिंगहोम का संचालन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी तैनाती संविदा पर है।
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