बिजली उपकेंद्रों पर लटका ताला, नहीं जमा हुए बिल
अंबेडकरनगर। 12 शहरों की विद्युत व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों व कर्मचारियों ने मंगलवार को कामकाज ठप रखकर धरना-प्रदर्शन किया।
अधीक्षण अभियंता कार्यालय समेत सभी अधिशाषी अभियंता व उपखंड अधिकारियों के कार्यालय पूरे दिन बंद रहे। सभी विद्युत कार्यालयों में तालाबंदी से बिल जमा करने पहुंचे हजारों उपभोक्ताओं को निराश लौटना पड़ा।
इससे लगभग 50 लाख का राजस्व भी जमा नहीं हो सका। हड़ताली अधिकारियों व कर्मचारियों ने कहा है कि, मंगलवार को पूरे दिन कार्य बहिष्कार के बाद अब बुधवार से अपराह्न दो बजे से शाम पांच बजे तक कार्य बहिष्कार होगा।
प्रदेश के 12 शहरों की विद्युत व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में प्रदेशव्यापी हड़ताल के आह्वान का मंगलवार को जिले में पावर कॉर्पोरेशन पर व्यापक असर देखने को मिला।
अकबरपुर, जलालपुर, टांडा, आलापुर आदि क्षेत्रों के विद्युत कार्यालयों पर ताला लटका रहा। यही हाल जिलेभर के विद्युत उपकेंद्रों का भी रहा।
कॉर्पोरेशन के विभिन्न कार्यालयों में विद्युत बिल जमा करने पहुंचे हजारों उपभोक्ताओं को निराश लौटना पड़ा। जिला मुख्यालय समेत अन्य विद्युत कार्यालयों में कामकाज ठप रहने से मंगलवार को कॉर्पोरेशन को लगभग 50 लाख रुपये राजस्व का चूना लगा।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, मार्च के अंतिम दौर में ज्यादा राजस्व आता है। ऐसे में इस हड़ताल से राजस्व की तगड़ी चपत लगी है।
इस बीच हड़ताली अधिकारियों व कर्मचारियों ने तय किया है कि मंगलवार को पूरे दिन हड़ताल रखने के बाद अब बुधवार से अपराह्न दो बजे से शाम पांच बजे तक कार्य बहिष्कार किया जाएगा। अधिशाषी अभियंता विद्युत अकबरपुर बीके यादव ने कहा कि, हड़ताल से लगभग 50 लाख रुपये का राजस्व प्रभावित हुआ है।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने मंगलवार को हड़ताल के दौरान कहा कि, निजीकरण का विरोध वापस लिए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। संयोजक इं. बीके पटेल ने कहा कि, सरकार का फैसला बेहद आपत्तिजनक है। इसे वापस लेना ही होगा।
अध्यक्ष बीके सिंह व क्षेत्रीय सचिव इं. सत्यनारायण ने कहा कि, निजीकरण के फैसले का उपभोक्ताओं व कर्मचारियों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। सह संयोजक इं. एसबी यादव तथा कर्मचारी नेता श्रीकांत पांडेय ने कहा कि, निजीकरण के फैसले को जनहित में पूरा नहीं होने दिया जाएगा।
वक्ताओं ने कहा कि, संगठन इस मामले में पुरजोर संघर्ष करेगा। प्रदर्शन में कर्मचारी नेता महेंद्र त्यागी, राजेश यादव, सुनील तिवारी, उपेेंद्र पटेल, हिमांशु साहू, बीके वर्मा, सौरभ, आरपी ओझा, राजबहादुर उपाध्याय, बद्री विशाल सिंह आदि मौजूद रहे।