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कुपोषित बच्चों को पांच सौ रुपये प्रतिमाह देगी सरकार

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गोंडा। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए पोषण धन योजन लागू की जाएगी। इस योजना के तहत लाल व पीली श्रेणियों में शामिल नौनिहालों को कुपोषण से मुक्त बनाने के लिए सरकार उन्हें प्रति माह पांच सौ रुपये की राशि का भुगतान करेगी। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत 0-3 आयु वर्ग के 46585 बच्चों को इस योजना का लाभ मिलेगा। यह धनराशि सीधे बच्चों के अभिभावक के खाते में भेजी जाएगी। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग इसकी तैयारियों में जुटा है।
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नौनिहालों को कुपोषण से बचाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इसके बावजूद बच्चों का कुपोषण दूर नहीं हो पा रहा है। हाल ही में कराए गए वजन दिवस में जिले के 3095 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत 4.88 लाख नौनिहालों में से 77 हजार बच्चे कुपोषण के शिकार मिले हैं। इन बच्चों को 0-3 और 3-5 आयु वर्ग के दो वर्गों में बांटा गया है। दोनों आयु वर्गों में 50645 बच्चे पीली श्रेणी में हैं, जबकि 26795 बच्चे अतिकुपोषित यानि लाल श्रेणी में हैं। सरकार 0-3 आयु वर्ग के पीली व लाल श्रेणी में शामिल 46585 बच्चों को कुपोषण से मुक्त कर उन्हें स्वस्थ बनाने के लिए पोषण धन योजना की शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत 0-3 आयु वर्ग के लाल व पीले बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र पर मिलने वाली सुविधाओं के अतिरिक्त पांच सौ रुपये प्रतिमाह की धनराशि प्रदान की जाएगी। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने 0-3 आयु वर्ग के बच्चों की ऑनलाइन फीडिंग कराने के निर्देश दिए हैं।


प्रति माह 2.33 करोड़ रुपये का आएगा खर्च
जिले के 3095 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 4.88 लाख बच्चों का पंजीकरण है। इसमें 0-3 आयु वर्ग के 46585 कुपोषित बच्चों को चिन्हित किया गया है। इन बच्चों को पोषण धन योजना के पांच सौ दिए जाने पर प्रतिमाह करीब 2.33 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
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वर्जन
आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत 0-3 आयु वर्ग के बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए सरकार पोषण धन योजना शुरू करने जा रही है। इसके तहत बच्चों को पांच सौ रुपये प्रतिमाह की धनराशि का भुगतान किया जाएगा। शासन के निर्देश पर इन बच्चों की ऑनलाइन फीडिंग कराई जा रही है।
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- दिलीप कुमार पांडेय, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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