लखनऊ। सरकार ने व्यावसायिक एलपीजी का कोटा पहले की तरह बहाल करते हुए 100 फीसदी आपूर्ति कर दी है। इससे खान पान के कारोबार से जुड़े शहर के 50-60 हजार व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। आपूर्ति बहाली के फैसले से व्यापारियों में खुशी है लेकिन व्यापारियों ने दामों को भी पहले जैसे किए जाने की मांग की है।
शहर में 1000 से ज्यादा छोटे-बड़े होटल, 5000 से ज्यादा रेस्टोरेंट व मिठाई की दुकानें हैं। इसके अलावा करीब 50 हजार रेहड़ी पटरी वाले दुकानदार हैं, जो कि खान पान के कारोबार से जुड़े हैं। शहर में करीब 4000 व्यावसायिक कनेक्शन भी हैं। इसमें भी वह दुकानदार शामिल हैं, जिनके पास जीएसटी नंबर है। जिनके पास जीएसटी नंबर नहीं था वह घरेलू या ब्लैक में गैस सिलिंडर लेकर अपनी दुकान चला रहे थे। व्यावसायिक सिलिंडर की सहज उपलब्धता होने से इन 50-60 हजार व्यापारियों-कारोबारियों को राहत मिलेगी।
-
दाम भी पहले जैसे करे सरकार
मिठाई कारोबारी व उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के स्वीट्स प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अविनाश त्रिपाठी बताते हैं कि मार्च से लेकर अब तक चार महीनों के अंतराल में व्यापारियों ने डीजल भट्ठी से लेकर इलेक्ट्रिक इंडक्शनों का सहारा लिया जिससे व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति धीरे-धीरे संतोषजनक होती गई। इससे कंपनियों के पास स्टॉक बढ़ रहा था। जो सिलिंडर पहले 1900 का था अब वह 3400 में मिल रहा है। इसलिए सरकार को रेट भी पहले की तरह करने चाहिए।
विकल्पों ने कम की निर्भरता
एलपीजी वितरक एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश राज बताते हैं कि विकल्पों की वजह से गैस पर निर्भरता कम होती गई। किसी ने डीजल भट्ठी लगाई तो कोई पीएनजी की शरण में गया। इससे स्थिति धीरे धीरे सुधरती गई।
-
इंडस्ट्री को मिली बड़ी राहत
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के लखनऊ चैप्टर चेयरमैन विकास खन्ना बताते हैं कि सरकार के इस कदम से इंडस्ट्री को बड़ी राहत मिली है। क्योंकि, अभी तक इंडस्ट्री के कोटे में से कटौती ही हो रही थी। गत्ता उद्योग, बेकरी उद्योग व फैब्रिकेटिंग इंडस्ट्री के लिए भी यह बड़ी राहत है।