दिल्ली की फ्लाइट में सवार होने के लिए एयरपोर्ट पहुंची महिला यात्री प्रतिभा सिंह ने बताया कि वह ऑनलाइन बोर्डिंग पास नहीं निकाल पाई और जब एयरपोर्ट पर उन्होंने बोर्डिंग पास लिया तो उनसे 100 रुपये लिए गए। ऐसे ही लखनऊ से दिल्ली की फ्लाइट में उड़ान भरने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे हमीदुल हसन ने बताया कि उन्हें कंप्यूटर ऑपरेट करने में दिक्कत होती है, इसलिए एयरपोर्ट पर ही उन्होंने बोर्डिंग पास बनवाया, जिसके लिए उन्हें पैसा देना पड़ा।
नाराज यात्रियों ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से भी शिकायत की है। यात्रियों का कहना है कि काउंटर पर बोर्डिंग पास निकलवाने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं होना चाहिए। अभी तक ऐसा नहीं था। वहीं इंडिगो का कहना है कि केंद्र सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि संपर्क रहित प्रवेश होना चाहिए। यानी यात्री वेब चेक इन करे और सीधे बोर्डिंग के लिए चला जाए। काउंटर पर बोर्डिंग पास के लिए कतार लगने लगी तो सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए यह नियम बनाना पड़ा।
वहीं दूसरी ओर अमौसी एयरपोर्ट पर जैसे-जैसे विमानों की संख्या बढ़ रही है, यात्रियों की आवाजाही में भी वृद्धि हो रही है। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाने में एयरपोर्ट प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। विमानन कंपनी के कर्मचारी ने बताया कि यात्री जल्दबाजी में अक्सर काउंटर के आगे लगभग एक दूसरे से सटकर खड़े हो जाते हैं और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। सीआईएसएफ के सुरक्षा कर्मी भी पीक अवधि में यात्रियों को एक दूसरे से दूरी बनाए रखने के लिए समझाते रहते हैं।