मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बंद पड़ी चीनी मिल मझोला और रसड़ा सहकारी चीनी मिल को जल्द शुरू किया जाए। विभागीय अधिकारियों ने बताया है कि इन दोनों चीनी मिलों को प्रारंभ करने के लिए टेंडर लगाए गए हैं। उन्होंने कहा है कि गन्ना विकास सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की बजाए सड़कों को नए सिरे से बनाए। जिससे कई साल तक सड़क न टूटे। बनाने वाले से कम से कम पांच साल की गारंटी लें।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा है कि आने वाले समय में गन्ना किसानों और सरकार के लिए एथनॉल का उत्पादन फायदेमंद साबित होगा। अभी प्रदेश में 119 चीनी मिलें चल रही हैं। अगले वर्ष तीन चीनी मिलें और चल जाएंगी। जिससे उत्तर प्रदेश में 122 चीनी मिलें हो जाएंगी। मुख्यमंत्री ने बंद पड़ी गडौरा चीनी मिल के लिए रास्ता निकालने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को समय से पर्ची मिलनी चाहिए। इस पर ध्यान देना चाहिए। इस बार किसानों को कोई परेशानी न आएं। उन्होंने कहा कि गन्ने का सर्वे बेहतर होना चाहिए। जिससे हम गन्ना किसानों को समय से पर्ची मुहैया करवा सकें।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में जो भी चीनी मिलें 700 व 1200 टीडीसी क्षमता वाली हैं, उन सभी चीनी मिलों की क्षमता बढ़ाकर 5000 टीडीसी पर लाया जाए। अगले तीन साल में इसका अपग्रेडेशन होना चाहिए। धुरियापार चीनी मिल पर कार्य तेजी से करने के निर्देश दिए गए हैं।
समीक्षा बैठक में गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा, आबकारी मंत्री जयप्रताप सिंह, मुख्य सचिव अनूप चंद्र पाण्डेय, विभागीय प्रमुख सचिव संजय घोष रेड्डी और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल भी मौजूद थे।