सजा होने के बाद पुलिस की गाड़ी में बैठकर जेल जाते विधायक पुत्र वैभव सिंह।
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गोंडा के आरएन पांडेय हॉस्पिटल में डॉ. राजेश पांडेय एवं सिक्योरिटी गार्ड पर जानलेवा हमला करने व अंग-भंग करने के मामले में कटरा बाजार के भाजपा विधायक बावन सिंह के बेटे वैभव सिंह उर्फ मोनू को विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट महेश नौटियाल ने सात-सात साल के सश्रम कारावास की सजा व दो-दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। दोनों सजाएं एकसाथ चलेंगी। वहीं, अदालत ने विधायक के भाई समेत तीन अभियुक्तों को दोषमुक्त किया है। दो दिन पहले अदालत ने मोनू को मामले में दोषी करार दिया था। सजा सुनाने के बाद मोनू को कड़ी सुरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया है।
प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता विनय सिंह के मुताबिक, 09 मई 2012 को आरएन पांडेय हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड निकट आईटीआई कचहरी रोड के निदेशक डॉ. राजेश पांडेय ने कोतवाली नगर में करनैलगंज क्षेत्र के गद्दौपुर गांव निवासी वैभव सिंह उर्फ मोनू पुत्र भाजपा विधायक बावन सिंह, अजीत सिंह पुत्र अजय प्रताप सिंह, राणा प्रताप सिंह पुत्र हनुमान बख्श सिंह, विजय प्रताप सिंह उर्फ तिरपन सिंह पुत्र श्रीराम सिंह के खिलाफ जानलेवा हमले समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी।
जिसमें कहा कि, 08 मई 2012 की दोपहर वह अपने हास्पिटल में मरीज देख रहे थे, तभी हल्की आवाज सुनाई पड़ी। इसी बीच वैभव सिंह व उसके भाई डॉ. गौरव सिंह पुत्र बावन सिंह अपने साथियों संग सिक्योरिटी गार्ड अवधेश तिवारी के पीछे-पीछे असलहा लहराते हुए पहुंचे तो गार्ड उनके केबिन के सामने खड़ा हो गया। तभी गौरव ने केबिन के गेट का शीशा तोड़कर अवधेश पर फायर कर दिया। दूसरे सिक्योरिटी गार्ड सुरेश कुमार पांडेय ने केबिन के अंदर जाने से रोका तो वैभव सिंह ने उसके सिर में गोली मार दी। इससे सुरेश की बायीं आंख व सिर से खून बहने लगा और वह जमीन पर गिर गया।
इसी बीच सिक्योरिटी गार्ड अवधेश तिवारी ने आत्मरक्षार्थ अपनी बंदूक से फायर कर दिया। इससे गौरव सिंह को गोली लग गई। इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर ले जाते वक्त डॉ. गौरव की मौत हो गई थी। झगड़े की वजह डॉ. गौरव सिंह का हॉस्पिटल के गेट पर वाहन खड़ा करना था, जिसे सिक्योरिटी गार्ड ने वहां से हटाने को कहा था।