लखनऊ। दावत के दौरान हुए विवाद के चलते साथी छात्र की गैरइरादतन हत्या के आरोपी विकास सिंह, अकाशदीप राय, आशीष सिंह और रोहित सिंह उर्फ शैकी को दोषी ठहराते हुए एडीजे विनीत नारायण पांडेय ने 10 साल कैद व 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। सरकारी वकील अनिल मिश्रा ने बताया कि वादी अमित ने रिपोर्ट 26 जनवरी 2015 को गुडंबा थाने में दर्ज कराई थी। इसमें कहा, सुबह छह बजे सूचना मिली की एमबीए की पढ़ाई कर रहे भतीजे ओमप्रकाश सिंह को चोट लग गई है। साथी इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले गए। यहां उसकी मौत हो गई। वादी को पता चला की ओमप्रकाश और शाकिब को आरोपी विकास सिंह, आकाश डीप, शैकी व आशीष ने दावत पर बुलाया था और मारपीट की थी।