लखनऊ। तेलीबाग स्थित राम भरोसे मैकूलाल इंटर कॉलेज से संबद्ध प्राइमरी विद्यालय में शिक्षकों के 10 पद स्वीकृत हैं लेकिन यहां तैनाती महज एक शिक्षक की है। शिक्षकों की कमी का नतीजा यह है कि कभी 700 से 800 बच्चों की चहल-पहल वाला यह विद्यालय अब करीब 200 विद्यार्थियों तक सिमट गया है। इसके अलावा प्रबंधन से जुड़े विवाद और भवन की स्थिति ने भी विद्यालय की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
सरकारी अनुबंध पर दी गई जमीन पर बने इस विद्यालय में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए प्रबंधक की ओर से वर्ष 2017 में चार अध्यापकों की भर्ती की गई थी। भर्ती प्रक्रिया मानकों पर पूरी नहीं होने के कारण मामला न्यायालय पहुंच गया। इसके बाद शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
विद्यालय भवन की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है। वर्ष 2005 में आई एक रिपोर्ट में भवन को जर्जर बताया गया था। इसके बावजूद यहां पढ़ाई जारी है और भवन की मरम्मत तक नहीं कराई गई। पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. राम चंद्र ने इस संबंध में कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को पत्र लिखा, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
प्रधानाचार्य विवाद से इंटरमीडिएट की पढ़ाई भी प्रभावित
कॉलेज में प्रधानाचार्य पद को लेकर चल रहा विवाद भी न्यायालय में विचाराधीन है। विवाद के चलते प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है, जिसका असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। इंटरमीडिएट में इस बार नामांकन में भी कमी आई है। कक्षा 11 में मात्र 10 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, जबकि आठवीं और नौवीं में 25 से 30 विद्यार्थियों ने ही प्रवेश लिया है।
भर्ती में कानूनी अड़चन
प्राइमरी में शिक्षकों की कमी है। इसे दूर करने का प्रयास किया गया था, लेकिन कानूनी अड़चनों के बाद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। जिस भवन की रिपोर्ट जर्जर आई थी, वहां बच्चे नहीं पढ़ते हैं।
- श्रीकांत साहू, प्रबंधक, रामभरोसे मैकूलाल इंटर कॉलेज
आयोग से हो रही भर्ती
शिक्षक भर्ती अब प्रबंधन के हाथ में नहीं है। इसके लिए आयोग की ओर से परीक्षाएं हो रही हैं। जहां भी शिक्षकों की कमी है, उम्मीद है कि जल्द ही कमी दूर होगी।
- देवेंद पांडेय, डीआईओएस