लखनऊ। आरपीएफ ट्रेन में यात्रियों का छूटा सामान भी तलाशकर लौटा रही है। किसी का आटा तो किसी की पानी की बोतल। किसी बच्चे का खिलौना तो किसी के छूटे हुए बैग...। रेल सेवा एप पर ऐसी शिकायतें आ रही हैं, जिसे दूर करने में आरपीएफ जवानों को मशक्कत करनी पड़ रही है।
कृषक एक्सप्रेस के एक यात्री ने रेल सेवा एप पर शिकायत की कि उसकी 10 किलो आटे की बोरी ट्रेन में छूट गई है। वह स्लीपर कोच के एस-4 की सीट संख्या 53 पर यात्रा कर रहा था। उसने रेल सेवा ऐप पर इसे तलाशने के लिए मदद मांगी। आरपीएफ ने उसका आटा ढ़ूंढ निकाला। हालांकि, उसका वजन छह किलो ही था। आरपीएफ जवान ने आटा को मालखाने के सुपुर्द करते हुए एप पर उसकी फोटो भी डाली।
ऐसे ही गाड़ी संख्या 22545 लखनऊ जंक्शन-देहरादून वंदे भारत एक्सप्रेस के यात्री ने शिकायत दर्ज कराई कि उसका खानपान का एक थैला छूट गया है। ट्रेन नंबर 15206 चित्रकूट एक्सप्रेस के थर्ड एसी कोच बी-5 की सीट संख्या 34 के यात्री ने चश्मा खोने की शिकायत की। ट्रेन नंबर 12004 शताब्दी एक्सप्रेस में यात्री ने चटाई छूट जाने और एक यात्री ने बच्चे का खिलौना और दूध की बोतल छूटने की शिकायत एप पर दर्ज कराई। आरपीएफ ने यह सामान तलाशकर लौटाया।
रेटिंग के लिए झोंकते हैं ताकत
रेल सेवा एप पर यात्रियों की ओर से जो शिकायतें आती हैं, रेलवे एप पर ही उनसे फीडबैक भी लेता है। सामान कितने दिन, किस हाल में मिला आदि की जानकारी ली जाती है। ऐसे में रेटिंग खराब न हो जाए, इसलिए आरपीएफ अधिकारी व जवान ताकत झोंक देते हैं।