प्रदेश में नर्सिंग होम खोलना जहां और आसान होगा, वहीं इस परिसर में दूसरा व्यावसायिक धंधा नहीं चल पाएगा।
आवास एवं शहरी नियोजन विभाग इस संबंध में नई नीति लाने जा रहा है। इस नीति के तहत वर्ष 2001 से पहले आवासीय क्षेत्रों में खुले नर्सिंग होम वैध करने पर भी विचार चल रहा है।
आवास विभाग शीघ्र ही इस संबंध में मुख्य सचिव से अनुमति लेकर कैबिनेट की मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजेगा। इसके साथ ही नर्सिंग होम खोलने के लिए मानक को सरल किया जा रहा है।
नगर निगम सीमा क्षेत्र में 12 मीटर, पालिका परिषद में 9 मीटर और नगर पंचायत में 7.5 मीटर चौड़ी सड़क पर नर्सिंग होम खोलने की अनुमति दी जाएगी।
पहले इससे अधिक चौड़ी सड़क पर नर्सिंग होम खोलने की अनुमति दी जाती थी।प्रदेश में मौजूदा समय जुलाई 2001 को लागू व्यवस्था के आधार पर मिश्रित आवासीय जमीन पर नर्सिंग होम खोलने की अनुमति दी जा रही है।
अधिकतर विकास प्राधिकरणों ने जोनिंग रेगुलेशंस में मिश्रित आवासीय व शुद्ध आवासीय जमीन अलग-अलग चिह्नित नहीं किए हैं।
इसके चलते ऐसे स्थानों पर नर्सिंग होम खुल गए जो मानक पूरा नहीं कर रहे हैं। विकास प्राधिकरण ऐसे नर्सिंग होम को अवैध मानता है।
नर्सिंग होम एसोसिएशन चाहता है कि ऐसे नर्सिंग होमों को वैध कर दिया जाए। इस संबंध में शासन स्तर पर उच्चाधिकारियों की बैठक हो चुकी है।
इसमें आवासीय क्षेत्र में नया नर्सिंग होम खोलने के लिए नगर निगम सीमा क्षेत्र में 12 मीटर चौड़ी सड़क पर 300 वर्ग मीटर जमीन, पालिका परिषद में 9 मीटर चौड़ी सड़क पर 200 वर्ग मीटर जमीन तथा नगर पंचायत में 7.5 मीटर चौड़ी सड़क पर 150 वर्ग मीटर जमीन पर नर्र्सिंग होम खोलने की अनुमति देने पर मंथन हुआ।
इसके साथ ही नर्सिंग होम परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी, क्योंकि इससे मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानियां होती हैं।