पंजाब यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बीरेन्द्र सिंह ढिल्लो को मंगलवार सुबह अपना मोबाइल ऑन करना भारी पड़ गया। मोबाइल ऑन करते ही पुलिस को उनकी लोकेशन मिल गई और पश्चिमी विहार में दोस्त के घर से गिरफ्तार कर लिया।
दूसरी तरफ राजपथ पर आगजनी मामले में पंजाब पुलिस के चारों पुलिसकर्मियों की संदिग्ध भूमिका सामने आ गई है। दिल्ली पुलिस ने पंजाब पुलिस के आला अधिकारियों को उनके खिलाफ मंगलवार को पत्र लिखा है।
दिल्ली पुलिस ने कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर में आईपीसी की चार धाराएं भी जोड़ी हैं। इनमें पांच से सात वर्ष तक की सजा व आर्थिक दंड का प्रावधान है। नई दिल्ली जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सूचना के बाद जब दिल्ली पुलिस राजपथ पर प्रदर्शन स्थल पर पहुंची तो पंजाब यूथ कांग्रेस अध्यक्ष बीरेन्द्र सिंह ढिल्लो आइसक्रीम बेचने वालों के बीच में चले गए थे।
यहां से वह मौके लगते ही फरार हो गए। उनकी सुरक्षा में तैनात पंजाब पुलिस के चार पुलिसकर्मी तो पंजाब भवन चले गए, जबकि अध्यक्ष ढिल्लो पश्चिमी विहार में रहने वाले अपने दोस्त के घर चले गए थे। उन्होंने अपना मोबाइल प्रदर्शन के बाद ही बंद कर लिया था।
पंजाब यूथ कांग्रेस अध्यक्ष ने मंगलवार सुबह अपना मोबाइल ऑन किया और चंडीगढ़ बात की। मोबाइल ऑन होते ही दिल्ली पुलिस मोबाइल सर्विलांस के जरिए उन तक पहुंच गई और उन्हें पकड़ लिया।
इस पुलिस अधिकारी ने बताया कि पंजाब पुलिस के चारों पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध आ गई है। दिल्ली पुलिस ने इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के लिए मंगलवार को पंजाब पुलिस को पत्र लिखा है।
बताया जा रहा है कि इन पुलिसकर्मियों से रात भर पूछताछ की गई और उनके असलहा भी जमा किए गए थे। हालांकि इन पुलिसकर्मियों का कहना है कि बीरेन्द्र सिंह ढिल्लो ने इनको कहा था कि उसे दिल्ली में एक राजनीतिक बैठक में जाना है।
जोड़ी गईं धाराएं...
नई दिल्ली जिला डीसीपी डा. ईश सिंघल ने बताया कि राजपथ पर प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ महामारी अधिनियम, डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट व सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और धारा 144 का उल्लंघन और चार धाराएं लगाई हैं। इनमें सरकारी संपत्ति को नुकसान की धारा गैर-जमानती है। इसके तहत पांच वर्ष की सजा व आर्थिक दंड का प्रावधान है। आईपीसी की धारा 435 जोड़ी गई है। इसके तहत सात वर्ष तक की सजा व आर्थिक दंड का प्रावधान है।