बहादुरगढ़। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को वाहनों की भीड़ से राहत देने में मददगार साबित हो रहे कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे को आधुनिक कैमरों कैमरा से कैमरों से लैस किया जाएगा। जिससे इस एक्सप्रेस-वे पर चलने वाले हरेक वाहन पर नजर रखी जा सकेगी। इस परियोजना पर 48 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे। ये कैमरे एक्सप्रेस-वेे के सभी ग्यारह टोल प्लाजा पर लगेंगे। इस व्यवस्था को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नाम दिया गया है।
इस आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था की सहायता से केएमपी पर गुजरने वाले सभी वाहनों और टोल प्लाजा की हरेक गतिविधि की जानकारी एचएसआईआईडीसी के अधिकारी साथ की साथ देख सकेंगे या तुरंत हासिल कर सकेंगे। एचएसआईआईडीसी ने इस परियोजना के लिए प्लान तैयार कर निविदा प्रक्रिया आरंभ कर दी है। आगामी बुधवार को सोनीपत में इस संबंध में अधिकारियों की बैठक होगी। हालांकि टेंडर की क्लोजिंग 23 फरवरी को होगी। एजेंसी फाइनल होने के बाद मार्च महीने में इस परियोजना पर काम शुरू होने की संभावना है। परियोजना पर 48 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करके सभी 11 टोल प्लाजाओं को स्मार्ट बनाया जाएगा। एचएसआईआईडीसी सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से युक्त यह पहला एक्सप्रेस-वे होगा।
कुंडली से मानेसर तक इस मार्ग की लंबाई 136 किलोमीटर है। चार महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों से गुजरने वाला यह एक्सप्रेस-वे पलवल, तावडू, सोहना, गुरुग्राम, बहादुरगढ़, रोहतक और सोनीपत को जोड़ता है। इस हाईवे से प्रति दिन लगभग 55 हजार वाहन आते-जाते हैं। अब इसके सभी11 टोल प्लाजा पर नजर रखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व्यवस्था की जा रही है। एक नियंत्रण कक्ष भी बनाया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि सभी टोल प्लाजा को फाइबर केबल से जोड़ा जाएगा। इन टोल प्लाजा की सभी तरह की गतिविधि पर नजर रहेगी। टोल टैक्स वसूली व्यवस्था को किसी तरह की खराबी या और कोई दिक्कत आती है तो उसकी जानकारी भी नियंत्रण कक्ष में सरलता से पहुंच जाएगी।
केएमपी के 11 स्थानों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडिंग कैमरे लगाए जाएंगे। ताकि टोल दिए बिना निकलने वाले वाहन को को भी पकड़ा जा सके। यही नहीं, चोरी हुए वाहनों के नंबर भी पुलिस इन कैमरों को सॉफ्टवेयर में अपलोड कर देगी। इससे चोरी शुदा वाहन के टोल नाकों से गुजरने की जानकारी भी मिल सकेगी। ऐसे वाहन अगर टोल नाकों पर आएंगे तो उनका नंबर स्क्रीन पर डिस्प्ले हो जाएगा। टोल प्लाजा की हरेक लेन में सर्विलांस कैमरे लगेंगे।
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इस सारी कवायद से केएमपी के टोल नाकों पर सुरक्षा इंतजामात मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। परियोजना का ठेका देने के संबंध में 9 फवरी को सोनीपत में महत्वपूर्ण बैठक होगी। संबंधित एजेंसी को पूरा नेटवर्क छह महीने में तैयार करके देना होगा और पांच साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी एजेंसी की ही होगी।
--सीनियर मैनेजर, केएमपी सेल, एचएसआईआईडीसी