बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में महेंद्र सिंह के शव के पोस्टमार्टम की इंतजार करते परिजन और ग्रामीण।
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बहादुरगढ़। निकटवर्ती गांव डाबौदा खुर्द में 70 वर्षीय सेवानिवृत्त फौजी महेंद्र की अज्ञात लोगों ने लाठी-डंडों और रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी। वह घर से कुछ दूर अपने घेर में स्थित कमरे में सो रहे थे। हमलावरों ने महेंद्र की मौत होने तक वार किए।
कमरे में बिखरा पड़ा खून व दीवारों पर खून के छींटे इस बात की गवाही दे रहे हैं। सुबह उनकी पत्नी चाय लेकर गई तो खून से लथपथ महेंद्र का शव देखकर
उसकी चीख निकल गई । सूचना पाकर अन्य परिजन मौके पर पहुंचे। पुलिस को भी सूचना दी गई। एएसपी बादली, थाना सदर बहादुरगढ़ से एसएचओ और सीआइए स्टाफ मौके पर पहुंचा। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट व डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया। मौके से वारदात से जुड़े सबूत जुटाए गए हैं। उसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। हत्या के पुष्ट कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पैसों के लेनदेन की दृष्टि से भी जांच की जा रही है, मगर अभी परिजनों ने किसी पर भी कोई शक जाहिर नहीं किया है। हत्या के कारणों और हत्यारों का सुराग लगाने के लिए पुलिस की कई टीमें जुट गई हैं। महेंद्र शहर में झज्जर रोड स्थित स्वास्तिक अस्पताल में भी हिस्सेदार थे। उनके एक पुत्र नागरिक अस्पताल गुरुग्राम में ईएनटी विशेषज्ञ है और एक बेटा अमन बहादुरगढ स्थित स्वास्तिक अस्पताल में कैमिस्ट की दुकान चलाते हैं।
लगभग 70 वर्षीय महेंद्र पुत्र केहर सिंह सेना से रिटायर्ड थे। वह हर रोज की तरह बुधवार रात को अपने घर से कुछ दूर घेर में सोने गए थे। परिजनों का कहना है कि रात को ही तीन-चार हमलावरों ने लाठी, डंडों व रॉड से पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी। उनके सिर, पेट व शरीर के अन्य हिस्सों पर हमला किया गया । वीरवार घनी सुबह उनकी पत्नी चाय देने के लिए घेर में स्थित कमरे में गई तो अंदर का नजारा देखकर चीख निकल गई। कमरे में उनके पति महेंद्र का खून से लथपथ शव पड़ा था। उन्होंने रोते-चिल्लाते हुए परिवार के अन्य लोगों को इसकी सूचना दी। वे भी तुरंत मौके पर पहुंचे और इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।