यमुना प्राधिकरण द्वारा इस समय 29 गांव की जमीन अधिग्रहण कर रहा है जबकि कुछ कि अधिग्रहण हो चुकी है। काफी किसान 64.7 फीसदी मुआवजे के लिए हाईकोर्ट चले गए थे प्राधिकरण ने उक्त मुआवजा अपने बड़े आरोपियों से मांगा तो वह इसके खिलाफ हाई कोर्ट चले गए। हवाओं ने कहा कि वह किसानों को मुआवजा नहीं देंगे जबकि आवंटन के विरोध में यमुना प्राधिकरण सुप्रीम कोर्ट चले गए और किसानों के पक्ष में अतिरिक्त मुआवजा देने का पक्ष रखा। 2 साल बाद यमुना प्राधिकरण और किसानों को सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी है इससे यमुना क्षेत्र के 11000 किसान लाभान्वित होंगे और प्राधिकरण के रुके हुए काम भी शुरू हो सकेंगे।