ग्रेटर नोएडा। प्राधिकरण ने ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत आवंटित करीब ३० वर्ग मीटर एरिया के २००० फ्लैट आवंटियों को नोटिस जारी किया है। प्राधिकरण ने ३१ अक्तूबर तक मोहलत दी है। उसके बाद आवंटन निरस्त करने की चेतावनी दी गई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत सेक्टर १, २, ३, १०, म्यू वन, ज्यू थ्री, ओमीक्रॉन आदि सेक्टरों में ७२०० फ्लैट बनवाए थे। २०१३ में इनको बनवाना शुरू किया और २०१६-१७ में बनकर तैयार हो गए। निर्माण लागत की दर पर करीब ८.५ लाख रुपये आवंटित किया गया। ड्रा से आवंटियों का चयन हुआ। २०१७ में प्राधिकरण ने इन फ्लैटों की लीजडीड कराकर पजेशन देना शुरू किया। अब तक करीब ५२०० से फ्लैटों की रजिस्ट्री हो चुकी है। उनको पजेशन दे दिया गया है। करीब २००० फ्लैट अब भी बचे हैं, जिनकी रजिस्ट्री (लीज डीड) होनी है। रजिस्ट्री न होने से पजेशन भी नहीं दिया गया। इससे प्राधिकरण की जिम्मेदारी बनी हुई है। प्राधिकरण कई बार नोटिस जारी कर चुका है। कोरोना से पहले भी नोटिस भेजकर पजेशन लेने को कहा गया। कोरोना को देखते हुए दो से तीन बार रजिस्ट्री की अवधि बढ़ाई गई। बीते ३० सितंबर को भी लीज डीड कराने की अवधि थी, लेकिन इन २००० आवंटियों ने फिर भी रजिस्ट्री नहीं कराई, जिस पर प्राधिकरण ने आखिरी मौका देते हुए ३१ अक्तूबर तक रजिस्ट्री कराने को कहा है। नोटिस में इसके बाद फ्लैट का आवंटन रद्द करने की चेतावनी दी गई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सहायक प्रबंधक केके यादव का कहना है कि ३१ अक्तूबर तक एकमुश्त समाधान योजना लागू है। आवंटियों को इसका लाभ लेते हुए बकाया रकम को जमा कर लीज डीड करा लेना चाहिए, अन्यथा आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।