अंबाला। अंबाला मंडल में कार्यरत 58 कर्मचारी 31 मार्च को सेवानिवृत हो गए। लॉक डाउन के कारण मंडल कार्यालय में विदाई समारोह नहीं हो सका। लेकिन सभी कर्मचारियों को डिजीटल माध्यम से 11 करोड़ का भुगतान किया गया। सभी सेवानिवृत कर्मचारियों को मोबाइल के माध्यम से इसकी जानकारी दी गई। रेल प्रबंधक कार्यालय में तैनात सीनियर डीपीओ निखिल धौंगड़ी ने बताया कि लॉक डाउन के कारण 14 अप्रैल तक कुछ रेल कर्मचारी घरों से तो कुछ कार्यलयों में अपनी सेवाएं दे रहे थे। लॉक डाउन की वजह से मंडल कार्यालय में किसी भी प्रकार का कोई कार्यक्रम नहीं किया जा रहा है, इसलिए 31 मार्च को सेवानिवृत हुए कर्मचारियों को बिना विदाई समारोह के ही सेवानिवृत करने का कार्य किया गया। डीपीओ रविंदर सिंह ने बताया कि 31 मार्च को अंबाला रेल मंडल में कार्यरत 58 कर्मचारी सेवानिवृत हुए हैं। इसमें 56 ऑन डयूटी और 2 की अकस्मात मृत्यु हुई थी। सभी सेवानिवृत कर्मचारियों व मृतक कर्मचारियों के परिजनों को सीआईपीएस यानि इंटिग्रेटिड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से भुगतान किया गया। कर्मचारियों के बैंक खाते में देय रकम ट्रांसफर की गई है ताकि लॉक डाउन के कारण उन्हें कार्यालय न आना पड़े और घर बैठे ही उन्हें उनकी रकम आसानी से मिल सके। सेवानिवृत कर्मचारियों को समापन भुगतान के तहत छुटटी नगदीकरण, समुहबीमा योजना, ग्रेच्युटी तथा पैंशन कम्युटेशन आदि का भुगतान किया गया। रेल प्रबंधक अंबाला मंडल गुरिंदर मोहन सिंह ने सेवानिवृत रेलकर्मचारियों को भारतीय रेल में उनकी लम्बी अवधि की सफलतम सेवा के लिये आभार व्यक्त किया और उनके व उनके परिवार की सुखद व मंगलमय भविष्य की कामना की।उन्हें मौखिक तौर पर विदाई देते हुए रेल प्रबंधक ने सेवानिवृत होने वाले कर्मचारियों को यह भी आश्वासन दिया कि उनकी सेवानिवृति के उपरान्त भी वह रेल परिवार का हिस्सा रहेंगे।
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- फोटो : AMAR UJALA
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